जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव एक बार फिर विवादित टिप्पणी से सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कार सिर्फ बेईमान और बड़े लोगों को दिए जाते हैं। इस साल पद्म पुरस्कारों की सूची में कोई भी दलित, आदिवासी या कृषक समुदाय का नहीं है। माना जा रहा है कि शरद की इस टिप्पणी से विवाद बढ़ सकता है।
शुक्रवार रात मुंबई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए यादव ने कहा कि समाजवादी विचारधारा के लोगों को पद्श्री और पद्मभूषण जैसे पुरस्कारों पर लात मारना चाहिए, क्योंकि ये पुरस्कार सिर्फ बेइमानों और समाज के उच्च तबके को दिए जाते हैं।
कार्यक्रम के बाद मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हो मैंने कहा है कि इस साल की पद्म पुरस्कारों की सूची में एक भी दलित, आदिवासी और किसान नहीं है। यह बीते 68 वर्ष से हो रहा है। इससे पहले भी यादव अपने बेबाक बोल से विवादों में रहे हैं।
अभी हाल में ही दक्षिण भारतीय महिलाओं के रंग पर टिप्पणी और उसकी व्याख्या कर वह विवादों में आ गए थे। इस पर सदन और सदन के बाहर काफी हंगामा हुआ।