जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के एनडीए से हटने की घोषणा के बाद भाजपा ने भी पलटवार किया है और उनके इस निर्णय को विश्वासघात करार दिया।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार और पार्टी अध्यक्ष शरद यादव ने रविवार को दोपहर बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में एनडीए से हटने का ऐलान किया। उनके ऐलान के थोड़ी ही देर बाद पटना में ही भाजपा के कोटे से बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जेडीयू पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने इस दिन को बिहार की राजनीति का काला दिन भी बताया।
सुशील कुमार मोदी ने ऐलान किया कि जेडीयू के इस विश्वासघात को पार्टी 18 जून को विश्वासघात दिवस मनाएगी। और इस दिन बिहार बंद का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता जेडीयू के इस विश्वासघात का अगले चुनाव में जवाब देगी।
मोदी ने कहा, 'हमने पांच बार एक साथ चुनाव लड़ा। बिहार में सुशासन के नाम पर जीत मिली थी। जहां तक एनडीए और बिहार सरकार में जेडीयू व भाजपा गठबंधन टूटने की बात है तो उसमे हमने नहीं जेडीयू ने गठबंधन तोड़ा है।'
मोदी ने इस दौरान बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा की चुनाव समिति का प्रमुख बनाए जाने के बाद जेडीयू का जो अधिकारिक बयान आया था उसमें कहा गया था कि यह पार्टी का अंदरुनी फैसला है। इससे गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
भाजपा ने गठबंधन में आदर्श व्यवहार का उदाहरण पेश किया।