भाजपा से निष्कासित वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने अपने विधायक पुत्र मानवेंद्र सिंह की भाजपा में वापसी की कोशिश शुरू कर दी है। इस कड़ी में उन्होंने शुक्रवार को वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से अलग-अलग मुलाकात की।
उल्लेखनीय है कि आम चुनाव में पार्टी से बगावत कर बाड़मेर से निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण भाजपा ने सिंह को निष्कासित करने के बाद उनके बेटे को भी पार्टी से निलंबित कर दिया था।
भाजपा नेताओं से मिले जसवंत
अब जसवंत चाहते हैं कि पार्टी नेतृत्व भले ही उनकी वापसी पर विचार न करे, मगर उनके बेटे के राजनीतिक भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचे। हालांकि आम चुनाव संपन्न होने के बाद सिंह ने भाजपा में वापसी की संभावना से साफ इंकार किया था।
इस दौरान उन्होंने अपनी बगावत की सजा बेटे को दिए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी नेतृत्व की तीखी आलोचना की थी। आम चुनाव में भाजपा की जीत के बाद जसवंत अब अपने बेटे के राजनीतिक पुनर्वास के प्रयास में जुट गए हैं।
मानवेंद्र का निलंबन रद्द करने का आग्रह
पार्टी सूत्रों के मुताबिक आडवाणी और राजनाथ से मुलाकात के दौरान जसवंत ने अपने पुत्र मानवेंद्र का निलंबन रद्द करने का आग्रह किया है। इस दौरान उन्होंने अपनी वापसी की न तो इच्छा जाहिर की और न ही इस विषय में कोई बातचीत ही की।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बेटे की वापसी के बहाने जसवंत अपनी घर वापसी पर भी पार्टी नेतृत्व का मन टटोलना चाह रहे थे। हालांकि पार्टी नेतृत्व फिलहाल इस बारे में फैसला करने में जल्दबाजी दिखाने के मूड में नहीं है।
पहले भाजपा पर जमकर बरसे
वैसे भी जब तक राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस बारे में अपनी सहमति नहीं देंगी, तब तक मानवेंद्र का निलंबन रद्द होना मुश्किल है। उल्लेखनीय है कि बीते आम चुनाव में जसवंत बाड़मेर से चुनाव लड़ने पर अड़ गए थे।
मगर जब पार्टी ने इस सीट पर कर्नल सोनाराम को उम्मीदवार बनाया तो जसवंत ने उनके खिलाफ बतौर निर्दलीय प्रत्याशी पर्चा भर दिया। इस दौरान उन्होंने राजनाथ के साथ-साथ राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर जम कर हमला भी बोला था।