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जैश-ए-मोहम्मद का अगला निशाना है दिल्ली!

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ठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का अगला निशाना दिल्ली है। इस हमले में मारे गए आतंकवादियों के पास से कागज पर लिखे संदेश मिले हैं, जिसमें पठानकोट के बाद दिल्ली के किसी सैन्य ठिकाने पर हमले की बात कही गई है।
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इस कागज पर 25 दिसंबर की तारीख दर्ज है। यह वही दिन है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान से लौटते समय पाकिस्तान के लाहौर में रुक कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था।

इसी कागज पर भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के बदले की बात भी लिखी गई है। संदेश में जैश ने साल भर में पंजाब और जम्मू के सीमावर्ती इलाके के सैन्य और पुलिस ठिकानों पर आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली है।
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अंदरखाने बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं एजेंसियां

खुफिया एजेंसी के उच्चपदस्थ सूत्र ने अमर उजाला को बताया कि कागज में दीनानगर, सांबा, कठुआ और पठानकोट पर हमले का मकसद अफजल गुरु की फांसी का बदला बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक उनका अगला निशाना दिल्ली के किसी सैन्य ठिकाने पर होगा।

गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2001 को संसद पर किए गए हमले को जैश का भारत में सबसे पहला और सबसे बड़ा हमला माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियां शीर्ष स्तर पर इस संदेश को काफी गंभीरता से लेते हुए अंदरखाने बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं। सूत्रों के मुताबिक पठानकोट हमले के बाद जैश के आतंकवादियों के देश के भीतरी भाग में घुस जाने की खुफिया जानकारी मिली थी।

अगर जैश के दिल्ली में हमले के संदेश को देखा जाए तो आतंकियों के भीतर घुसने की आशंका काफी गंभीर है। सूत्रों के मुताबिक इसी ऑपरेशन के तहत चल रही कार्रवाई के चलते हरिद्वार के पास से आईएस के चार समर्थक हाथ आ गए।
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खुद को मजबूत कर रहा जैश

सूत्रों ने बताया कि पठानकोट हमले के एक दिन बाद अफगानिस्तान के मजार- ए- शरीफ में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले के पीछे भी अफजल गुरु की फांसी के बदले का दावा किया गया है।

यह एक बड़ा आधार है जिसके तहत पठानकोट और मजार-ए-शरीफ पर हुए हमले को जैश और आईएसआई के एक ही प्लॉट का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जैश अफजल गुरु की फांसी के बदले के नाम पर फिर से अपने को मजबूत कर रहा है। इससे पहले पाक सेना और आईएसआई ने पाकिस्तान सरकार और वहां के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर जैश की ओर से हमले की कोशिशों के चलते आतंकी संगठन के सिर से अपना हटा लिया था।
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