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पाक क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने BCCI से लगाई मदद की गुहार

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पाकिस्तान के लिए 79 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले टेस्ट क्रिकेटर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से एक भावुक अपील करते हुए उससे मदद की गुहार लगाई है।
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स्पॉट फिक्सिंग के कारण आजीवन प्रतिबंध झेल रहे लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से आर्थिक मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि वह निर्दोष हैं और वह एक मौका चाहते हैं खुद को पाकसाफ साबित करने के लिए। वह चाहते हैं कि बीसीसीआई इस मामले में उनकी मदद करे। कनेरिया मानते हैं कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बची है और बीसीसीआई उनकी मदद कर सकती है और उनकी जान बचा सकती है।

साथ ही भारतीय बोर्ड उनके मामले को आईसीसी में ले जाए। उन्होंने खुद पर लगे आजीवन प्रतिबंध को हटाने के लिए 3 बार प्रयास किया लेकिन तीनों ही बार फैसला उनके खिलाफ गया।
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कनेरिया पर इंग्लिश काउंटी में एसेक्स के लिए खेलते हुए मैच फिक्सिंग करने का आरोप है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद कनेरिया पर पाक क्रिकेट बोर्ड ने आजीवन प्रतिबंध लगा दिया।

हिंदू होने के नाते पीसीबी मेरा केस नहीं देख रहा: कनेरिया

पूर्व पाक स्पिनर दानिश कनेरिया ने कहा, "मैं अपनी आखिरी बचत पर जी रहा हूं। मैं नहीं जानता कि कहां तक जी पाऊंगा। मैं भारत के युवा खिलाड़ियों को स्पिन के गुर सिखा सकता हूं। क्या मैं यह नहीं कर सकता। वे मुझे फोन क्यों नहीं कर सकते। मैं उन्हीं में से एक हूं। मेरे लिए पाकिस्तान में कुछ भी नहीं बचा है। मुझे ऐसा लगता है कि पीसीबी में मेरी अपील सुनने के लिए कोई नहीं बचा है। मैं मर रहा हूं।"

35 साल के इस प्रतिबंधित गेंदबाज ने कहा कि सच्चाई यह है कि वह पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हैं इस कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, "मैं एक हिंदू हूं जो पाकिस्तान में अल्पसंख्यक है। इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने जब मुझ पर स्पॉट फिक्सिंग का चार्ज लगाया तो मैंने उसे मानने से इंकार कर दिया। मैं चाहता हूं कि इसकी सुनवाई हो लेकिन अब यह बेहद मुश्किल हो गया है।"

कनेरिया ने 5 साल का प्रतिबंध झेलने के बाद फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर से खुद की तुलना भी की। उन्होंने कहा, "स्कॉटलैंड यार्ड ने मेरे खिलाफ कोई सबूत पाया, जबकि ईसीबी ने एक क्रिकेटर के अपने अपराध को स्वीकार करने के आधार पर यह सब कुछ किया। अब देखिए, पीसीबी खुद आमिर का केस देख रही है। और मेरे बारे में क्या? यह सरासर गलत है?"

कनेरिया 10 साल तक पाक क्रिकेट टीम से जुड़े रहे। दिसंबर 2010 में डेब्यू करते हुए उन्होंने करियर में 61 टेस्ट और 18 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें 261 टेस्ट विकेट और 15 वनडे विकेट लिए हैं। दानिश टेस्ट में 2 बार 10-10 विकेट, 15 बार 5-5 विकेट और 8 बार 4-4 विकेट ले चुके हैं।
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'पाक में अपने ही दोस्त क्रिकेटरों से नहीं मिल सकता'

जब दानिश कनेरिया से पूछा गया कि मोहम्मद आमिर ने तो अपना अपराध स्वीकार कर लिया था और इसके बाद ही उनसे जुड़े पूरे मामले को देखा गया। इस पर दानिश कनेरिया ने कहा, "उसने ऐसा तब किया क्योंकि वह उसमें शामिल था। मैंने नहीं किया क्योंकि मैं नही था, मैं नही था, मैं नही था।" मार्वन वेस्टफील्ड को अनु भट से मिलवाने की सजा मिली है मुझे।"

उन्होंने कहा कि ईसीबी ने उन्हें इंग्लिश क्रिकेटर मार्वन वेस्टफील्ड के मैच फिक्सिंग में शामिल करवाने वाला समझा और उन पर आजीवन बैन लगा दिया। उन्होंने वेस्टफील्ड को बिजनेस टायकून अनु भट से भारत में मिलवाया था जो क्रिकेट की फिक्सिंग में शामिल था। ईसीबी ने उनके साथ नस्लभेदी व्यवहार भी किया।

कराची में जन्में इस क्रिकेटर ने कहा, "उन्होंने मेरे सभी चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया। मैं राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया लेकिन मैं पाक में घरेलू क्रिकेट खेलता रहा। मैं बदनाम हो गया, मुझे उस अपराध के लिए सजा मिली जो मैंने किया ही नहीं। मैंने ईसीबी के फैसले के खिलाफ अपील भी की, जबकि वेस्टफील्ड पर अभी भी कुछ नहीं किया गया है। क्या यह नस्लवाद नहीं है?"

साथ ही उन्होंने कहा, "ईसीबी, आईसीसी और पीसीबी ने मेरे दायरे को सीमित कर दिया। पीसीबी के किसी भी टूर्नामेंट में खेलने से मुझे मना कर दिया गया। साथ ही मुझे पीसीबी के किसी भी मैदान के करीब जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया। वहीं मैं किसी तरह की सुविधा नहीं ले सकता। मैं अब अपने किसी भी पुराने और पूर्व क्रिकेटर दोस्त से नहीं मिल सकता। यह एक तरह से घर में गिरफ्तारी जैसी स्थिति है।"
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