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...तो यह है ‘विश्वरूपम’ पर प्रतिबंध के पीछे की कहानी?

Wed, 30 Jan 2013 11:31 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क/ब्यूरो
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कमल हासन अभिनीत ‘विश्वरूपम’ फिल्म को तमिलनाडु में प्रतिबंधित करने पर तमाम बातें हो रही हैं। ज्यादातर लोग मान रहे हैं कि इसमें मुस्लिमों की भावनाएं आहत करने वाले दृश्य और संवाद हैं। इसके अतिरिक्त और अलग-अलग कारण भी बताए जा रहे हैं।
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- राज्य सरकार कमल हासन की उस बात से नाराज है, जिसमें उन्होंने पी चिदंबरम की ओर इशारा करते हुए कहा था कि धोती पहनने वाले किसी तमिल को देश का प्रधानमंत्री बनना चाहिए।

- तमिलनाडु में सत्ताधारी पार्टी का एक नजदीकी चैनल टीवी पर फिल्म प्रसारण के अधिकार खरीदना चाहता था। लेकिन उसकी कम बोली पर हासन राजी नहीं हुए। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
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- फिल्म में कमल हासन ने ऐसी खुफिया सूचनाओं का उपयोग किया है, जो बेहद गोपनीय हैं। वे उन तक कैसे पहुंची। राज्य सरकार इस बात से नाराज है।

कमल हासन ने कहा
- अगर मेरे साथ यहां (तमिलनाडु) न्याय नहीं हुआ तो मैं दूसरी जगह देखूंगा। भारत में कोई धर्मनिरपेक्ष जगह। लेकिन अगर मुझे पूरे देश में ऐसी जगह नहीं मिली तो मैं दूसरा धर्मनिरपेक्ष देश देखूंगा। जैसे एमएफ हुसैन ने देखा था। मैं यह देश छोड़ दूंगा।

- मेरा न कोई धर्म है, न जाति है। अब मेरे पास पैसा भी नहीं है। मेरे पास सिर्फ मेरी प्रतिभा है।

- मैंने अपनी जिंदगी की पूरी कमाई इस फिल्म में लगा दी है। जैसे जैसे रिलीज डेट आगे बढ़ेगी मैं अपना सब कुछ गंवाता चला जाऊंगा।

- मेरे साथ राजनीतिक खेल खेला जा रहा है। मैं नहीं जानता कि कौन खेल रहा है। मैं इसका अनुमान भी नहीं लगाना चाहता।

कुछ दृश्य काटने पर हासन राजी
कमल हासन ने बुधवार को कुछ मुस्लिम नेताओं को फिल्म दिखाई और उनसे मुलाकात की। बातचीत के बाद वह फिल्म के वे दृश्य हटाने पर राजी हो गए जिन पर धार्मिक नेताओं को आपत्ति थी। कमल हासन ने कहा, ‘उन्होंने मुझे दृश्यों और शब्दों की सूची दी, जिन पर उन्हें आपत्ति है। मैं उन्हें हटा दूंगा। मैं नहीं चाहता कि कोई ‘विश्वरूपम’ को मुस्लिम विरोधी फिल्म माने। यह फिल्म भारतीय मुस्लिमों की प्रशंसा में है न कि विरोध में।’

अभी सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे
कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने कहा है कि अभी उनका इरादा सुप्रीम कोर्ट जाने का नहीं है। वह मद्रास हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे। इससे पहले कहा जा रहा था कि अपनी फिल्म की देश भर में तत्काल रिलीज सुनिश्चत कराने के लिए कमल सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘आरक्षण’ को देश भर में रिलीज कराने के लिए निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने फिल्म के पक्ष में फैसला दिया था।

सेंसर बोर्ड कमल के साथ
इस देश के लोग आतंकवाद से जुड़ी सैकड़ों फिल्में देख चुके हैं। फिर ‘विश्वरूपम’ पर ही रोक क्यों? यह एक कलाकार को परेशान करने वाली हरकत है। हम उस भाषा का भी विरोध करते हैं जो तमिलनाडु सरकार के वकीलों ने अदालत में सेंसर बोर्ड के खिलाफ इस्तेमाल की।- लीला सैमसन, सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष

कलाकारों को पूरी आजादी
हम एक स्वतंत्र समाज हैं। यहां कलाकारों को अभिव्यक्ति की पूरी आजादी है। हमारे पास संविधान है। कानून और व्यवस्था का अगर कोई मुद्दा है, तो हम उसे देखेंगे। -सुशील कुमार शिंदे, गृहमंत्री
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