हिंसा प्रभावित इराक से सकुशल लौटी नर्सों ने वहां के अपने भयावह अनुभव भी साझा किए। इराक के तिकरित में फंसी नर्सों ने पिछले कुछ दिन और रातें बेचैनी और खौफ के माहौल में गुजारीं।
46 नर्सों में से ऐसी दो जुड़वा बहनें भी थी, जिन्हें स्वदेश वापसी पुनर्जन्म के बराबर महसूस हो रही है।
जुड़वा बहनों सोना और वीना का कहना है कि गोलियों और बम धमाकों के चलते रातों की नींद हराम हो गई थी और अपने भविष्य को लेकर चिंता सताती रहती थी। उन्होंने कहा कि घर वापसी उनके लिए पुनर्जन्म के समान है।