फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाक में IS की मौजूदगी भारत के लिए खतरा

Mon, 17 Nov 2014 10:33 AM IST
गुंजन कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) की मौजूदगी के संकेत ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और खुफिया एजेंसी आईबी व रॉ इस बात से चिंतित हैं कि आईएस की पैठ से पाकिस्तान और अमेरिका को नए सिरे से संबंध बनाने का ठोस आधार मिल गया है।
विज्ञापन


इसका मतलब यह लगाया जा रहा है कि आईएस से लड़ने के नाम पर अमेरिका पाकिस्तान को नए सिरे से हथियार और धन मुहैया करा सकता है। एजेंसी के मुताबिक यह कवायद शुरू भी हो चुकी है। पाक सेना अध्यक्ष जनरल राहिल शरीफ की इस हफ्ते शुरू हो रही अमेरिका यात्रा इसी कवायद का हिस्सा है।

सूत्रों के मुताबिक एनएसए अजीत डोभाल सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर नए हालात से निबटने का ब्लू प्रिंट तैयार कर रहे हैं। पाकिस्तान मामलों से जुड़े सुरक्षा एजेंसी के उच्चपदस्थ अधिकारी ने बताया कि ऐबटाबाद में अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के खात्मे के बाद यह पाक जनरल की पहली अमेरिका यात्रा है। अगर पाकिस्तान आईएस का डर दिखाकर अमेरिका को धन और हथियार देने के लिए मना लेता है तो यह पूरे भारतीय उपमहाद्वीप का सैन्य संतुलन बिगाड़ देगा। आईएस की लगातार बढ़ती ताकत और पाकिस्तान में उसकी मौजूदगी कश्मीर के लिए भी बड़े खतरे की घंटी है।
विज्ञापन


अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई आईएस के पाक धड़े को भारत के विरोध में उसी तरह इस्तेमाल करेगा जैसा उसने जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा का किया था। सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी सरकार आईएस को लेकर शांत नहीं बैठने वाली। वह पाकिस्तान को आईएस की काट के लिए हर सुविधा मुहैया करा सकती है।

उधर पाकिस्तान इन सुविधाओं को अपने एजेंडे के अनुसार इस्तेमाल करेगा। अधिकारी ने बताया कि पूर्व सोवियत संघ की सेना को अफगानिस्तान से भगाने के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान को अरबों रुपये दिए थे। तब पाकिस्तान ने उस धन से अफगानी कबीलाई सेना तैयार करने के साथ अपने एटम बम की योजना को मूर्त रूप दे दिया। उसके बाद अल कायदा और तालिबान के नाम पर भी अमेरिका पाक को धन और हथियारों की खेप देता रहा। बिन लादेन के पाकिस्तान में मिलने के बाद अमेरिका ने सख्ती तो दिखाई लेकिन पाकिस्तान उसके लिए अभी भी सुरक्षित सहयोगी है।
विज्ञापन

पाक में आतंकियों ने सरेआम सिर किया कलम

पाकिस्तान में पश्चिमोत्तर कबाइली इलाके में आतंकियों ने सुरक्षा बलों के लिए कथित तौर पर जासूसी करने पर एक शख्स का सिर सरेआम कलम कर दिया। आतंकियों ने शुक्रवार को खैबर जिले में तिराह घाटी के मेहरबान काले इलाके में सिर कलम करने की इस घटना को अंजाम दिया।

‘डॉन’ में छपी खबर के मुताबिक आतंकियों ने इस कबाइली शख्स के सिर को एक बाजार में सरेआम कलम करने के बाद यह स्थानीय बाशिंदों को यह फरमान भी जारी किया कि कोई भी शाम तक इस शख्स की लाश को न उठाए। मेहरबान काले और उससे लगते इलाकों पर आतंकी संगठन तहरीक- ए-तालिबन पाकिस्तान का कब्जा है। हालांकि इसके साथ ही इन इलाकों में लश्कर-ए-इस्लाम जैसे आतंकी संगठनों का भी कुछ असर है। लश्कर के प्रमुख मंगल बाग ने सभी अवैध आतंकी गुटों से बारा आकर सुरक्षा बलों के खिलाफ लड़ने की दावत दी। इसके बाद  दो आतंकी संगठनों ने हाथ मिला लिए थे।
 
पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने खैबर-1 इलाके में 16 अक्तूबर से आतंकियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू कर रखा है।  इस अभियान के चलते हजारों लोगों को अपने घर छोड़ कर भागने को मजबूर होना पड़ा है। बारा में सुरक्षा बलों और प्रशासन ने सिपाह और मलिकदीन खेल कबीले के लोगों से अपने घरों को खाली करके जाने की तारीख शनिवार तक के लिए बढ़ा दी थी। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कबाइली इलाके के बुजुर्गों ने अपने परिवारों को महफूज जगहों पर ले जाने के लिए और वक्त मांगा था।

फाटा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि उसने अब तक 53 हजार 819 परिवारों के साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को बारा और तिराह घाटी इलाके से निकाल लिया है। जिन परिवारों इन इलाकों से निकाला गया है उनमें दो लाख 13 हजार 195 बच्चे और 77 हजार से अधिक महिलाएं हैं। जिन परिवारों को इस निकाला गया है उन सभी को एक बार का खाना, मुफ्त आने जाने की सुविधा और आपात स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पांच बरस तक के बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए टीका लगाया जा रहा है। खैबर में शुक्रवार को लश्कर -ए-इस्लाम (एलआई) के 39 आतंकियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें