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आजम के रामपुर में वाल्मीकियों ने कुबूला इस्लाम!

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रामपुर की वाल्मीकि बस्ती के लोगों ने किसी भी इस्लाम धर्मगुरु की ओर से उनका धर्म परिवर्तन न कराए जाने की स्थिति में खुद ही मुस्लिम टोपी पहन ली। इसके बाद तमाम वाल्मीकि समाज के लोग सड़क पर खड़े हो गए और इस्लामी नारे लगाए। यह देख एलआईयू कर्मचारियों समेत पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के भी हाथ-पांव फूल गए।
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बस्ती में चिह्नित मकानों को बचाने के लिए वाल्मीकि संगठन के नेता भीम अनार्य के नेतृत्व में मंगलवार दोपहर करीब पौने तीन बजे बस्ती के कई लोगों ने मुस्लिम टोपी पहन ली। भीम अनार्य का कहना था कि किसी भी इस्लामिक धर्म गुरु को धर्म परिवर्तन कराने के लिए उनके पास नहीं आने दिया जा रहा है।

कई स्थानीय धर्म गुरुओं पर दबाव है। इसलिए उन्होंने खुद ही यह मुस्लिम टोपी लगाकर इस्लाम धर्म में आस्था जताई है। उन्होंने कहा कि नमाज तो नहीं पढ़ सकते, लेकिन खुदा की इबादत कोई भी कहीं भी कर सकता है।
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इसलिए किसी भी धर्मगुरु की ओर से इस्लाम धर्म कबूल न कराने पर उन्होंने खुद ही टोपी पहन ली। इसके बाद वाल्मीकि समाज के लोगों ने इस्लामी नारे भी लगाए। इससे मौके पर मौजूद एलआईयू और पुलिस-प्रशासन के अफसरों में हड़कंप मच गया।

सुबह से ही जेबों में रखी हुई थीं टोपियां
वाल्मीकि बस्ती के लोगों की जेब में सुबह से ही मुस्लिम टोपियां रखी हुईं थीं। मंगलवार सुबह को भी एक बार कुछ बस्ती वालों ने टोपी निकालकर लगा ली थी, लेकिन बाद में उतार ली। इसके बाद दोपहर में एक बार फिर कई लोगों ने एक साथ मुस्लिम टोपी लगाकर इस्लामी नारे लगाए।

पुलिस को धकेल अनशन स्थल पर पहुंचे भाजपाई

वाल्मीकि बस्ती के गर्म मुद्दे पर तमाम गतिरोधों को पार कर भाजपाई अनशन स्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो भाजपाइयों ने उन्हें भी धकिया दिया। वाल्मीकि समाज के लोगों को मुद्दे पर पूरा साथ देने का आश्वासन दिया। साथ ही धर्म परिवर्तन न करने की अपील भी की।

पालिका, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में अनशन कर रहे वाल्मीकि समाज के लोगों के पास मंगलवार को कई भाजपाई पहुंचे। जिलाध्यक्ष बलदेव सिंह औलख के नेतृत्व में पहुंचे भाजपाइयों को पुलिस ने तोपखाना रोड मोड़ से रोकने की कोशिश की, लेकिन भाजपाई पुलिस को धकेलते हुए आगे बढ़ गए।

तिलक कालोनी चौराहे पर पुलिस ने भाजपाइयों को रोका तो भाजपाई वहीं पर सड़क पर बैठ गए। इसके बाद फिर उठे और नारेबाजी करते हुए अनशन स्थल पर पहुंच गए। जिलाध्यक्ष बलदेव सिंह औलख ने कहा कि भाजपा तन, मन और धन से वाल्मीकि समाज के साथ है। वाल्मीकि समाज उनका एक अभिन्न अंग है। किसी भी कीमत पर धर्म परिवर्तन नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के घरों की एक भी ईंट नहीं तोड़ने दी जाएगी।

पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना ने कहा कि वाल्मीकि समाज हिंदू है और हिंदू ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुलायम और अखिलेश ने एक नेता को सिर पर बैठा रखा है। जो अफसर इस समय उसके इशारों पर अन्याय कर रहे हैं, उन्हें प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद एक बार फिर जिले में बुलवाया जाएगा।

अनशन स्थल से भाजपाई डीएम आवास पर पहुंचे, लेकिन किसी के न आने पर वहीं धरने पर बैठ गए। एडीएम मौके पर पहुंचे और भाजपाइयों से ज्ञापन लिया। इस दौरान पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर, सूर्य प्रकाश पाल, जागेश्वर दयाल दीक्षित, राजीव मांगलिक, सुभाष भटनागर, राजीव शर्मा, भारत भूषण गुप्ता, अवधेश शर्मा, प्रभात अग्रवाल, देवेश गुप्ता, अथहर अब्बास नकवी, अनुज सक्सेना आदि शामिल रहे।

अनशनकारियों की बिगड़ी हालत, सीएमओ पहुंचे

पालिका और प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में अनशन पर बैठे वाल्मीकि बस्ती के तीन अनशनकारियों समेत चार की हालत बिगड़ गई। सूचना पर सीएमओ समेत मेडिकल टीम पहुंची। प्रारंभिक परीक्षण में चार लोगों का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल असामान्य मिला। बस्ती की एक युवती अनीता भी बेहोश हो गई। बीमार अनशनकारियों को जिला अस्पताल में उचित उपचार के लिए जाने के लिए कहा, लेकिन अनशनकारियों ने इससे इंकार कर दिया।

वाल्मीकि बस्ती में सात लोग पिछले कई दिनों से अनशन पर बैठें हैं। इनमें से चार अनशनकारियों की हालत मंगलवार को बिगड़ गई। बाबू लाल का ब्लड प्रेशर सुबह के चेकअप में न्यूनतम स्तर पर पाया गया। वहीं, मोहन लाल का शुगर लेवल कम था। चंद्रसेन का ब्लड प्रेशर 190-110 था। अनशनकारियों की हालत बिगड़ने की सूचना पर सीएमओ डॉ. एमएल पुष्कर, एसीएमओ डा. एमसी गर्ग, डा. नवीन रस्तोगी मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।

मेडिकल टीम एंबुलेंस के साथ मौके पर खड़ी कर दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मेडिकल चेकअप की जो रिपोर्ट भेजी है। उसमें इन सभी बीमार अनशनकारियों को उचित उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर करने की बात भी कही गई है, लेकिन अनशनकारियों ने किसी भी प्रकार के उपचार कराने से इंकार कर दिया। जिस पर मेडिकल टीम वापस आ गई। इसके साथ ही अनशन स्थल पर एक युवती अनीता की भी हालत बिगड़ गई।
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साध्वी प्राची के सामने बौना साबित हुआ पुलिस-प्रशासन

वाल्मीकि बस्ती मुद्दे पर शहर पहुंची साध्वी प्राची को रोकने के पुलिस-प्रशासन के तमाम इंतजाम बौने साबित हुए। साध्वी ने बेखौफ अंदाज में प्रदेश की कानून व्यवस्था और आजम खां पर निशाना साधा। वाल्मीकि बस्ती में किसी के भी धर्म परिवर्तन होने पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी।

वाल्मीकि बस्ती के लोगों के विरोध-प्रदर्शन के बीच मंगलवार शाम साध्वी प्राची भी शहर पहुंची गईं। साध्वी प्राची को अनशन स्थल पर पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के साथ भारी संख्या में आरएएफ और पुलिस बल गांधी समाधि पर तैनात थी। जैसे ही साध्वी प्राची गांधी समाधि पहुंची उन्हें पुलिस ने रोक लिया।

रोके जाने के बावजूद साध्वी प्राची ने अनशन स्थल पर पहुंचने की पूरी कोशिश की। इस दौरान पुलिस और आरएफ से कार्यकर्ताओं और साध्वी प्राची की जमकर नोकझोंक हुई। कई बार नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। साध्वी के तेवर को संभालने में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा।

साध्वी ने कहा कि पूरे प्रदेश में गुंडाराज है। उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तान नहीं आजम का पाकिस्तान दिख रहा है। उनको रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस लगाई गई है। उनके इस मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। यदि एक भी हिंदू ने धर्म परिवर्तन किया तो रामपुर में ही ईंट से ईंट बजा देंगे। उन्होंने पुलिस पर अभद्रता और बदसलूकी का आरोप भी लगाया। इसके बाद पुलिस ने साध्वी को गाड़ी में बिठाकर वापस भेज दिया।
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