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मिशन हनी ट्रैप: ISI ने युवतियों को दी खास ट्रेनिंग

Fri, 29 Aug 2014 08:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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भारत से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं हासिल करने के लिए सोशल साइट्स पर जाल बिछा रही आईएसआई ने युवतियों को खास ट्रेनिंग दे रखी है। यह खुलासा इंटेलीजेंस द्वारा विज्ञान शिक्षक दीपक शर्मा से की गई पूछताछ में हुआ है। दीपक से भी फेसबुक पर चैटिंग में युवती ने खुद को विज्ञान क्षेत्र से जुड़ा बताया। बोली कि मैं साइंस से प्यार करती हूं, इसीलिए वैज्ञानिकों को अपना फ्रैंड बनाया है।
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बृहस्पतिवार को खुफिया विभाग की स्पेशल सेल ने दीपक से फिर पूछताछ की। एनएएस कॉलेज में शिक्षक एवं जिला विज्ञान क्लब के सचिव दीपक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में रहने वाले वैज्ञानिक कुलदीप फेसबुक पर उनके म्यूचुअल फ्रैंड हैं। उसी ग्रुप में रानी राव यदुवंशी नामक युवती ने 24 अगस्त को उन्हें फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी। रिक्वेस्ट स्वीकारने के बाद उन्होंने युवती का प्रोफाइल चेक किया, तो उसमें उसके एसीपी इंटेलीजेंस होने की जानकारी दी गई थी। एक कोने में आईएसआई का मोनोग्राम भी था।

चैटिंग में उन्होंने युवती से पूछा कि ये प्रोफाइल किसका है, तो उसने कहा कि मैं आईएएस की तैयारी कर रही हूं तथा ये प्रोफाइल मेरे परिचित का है, जो इंडियन इंटेलीजेंस सर्विस में हैं। इसी दौरान युवती ने दीपक के ग्रुप में शामिल पांच अन्य वैज्ञानिकों को भी रिक्वेस्ट भेज दी। दीपक ने बताया कि उन्होंने अपने सभी दोस्तों को मैसेज किया कि इस युवती से सावधान रहें। साथ ही मिलिट्री इंटेलीजेंस के अफसरों को भी अवगत कराया। फेसबुक पर हुई चैटिंग की पूरी डिटेल भी दे दी, ताकि कोई विवाद न उत्पन्न हो।
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प्रोफाइल में रानी राव, चैटिंग में बताया रेनू

फ्रैंडशिप करने वाली युवती ही है, इसे लेकर भी संशय है। वजह यह कि उसने प्रोफाइल में अपना नाम रानी राव यदुवंशी लिखा था, मगर चैटिंग में दीपक को उसने अपना नाम रेनू बताया। साथ ही प्रोफाइल में एसीपी इंटेलीजेंस लिखा, जबकि चैटिंग में बताया कि मैं आईएएस की तैयारी कर रही हूं। प्रोफाइल और चैटिंग में विरोधाभास संदेह उत्पन्न कर रहा है कि चैटिंग करने वाली युवती है या पुरुष। वहीं, आईएसआई के मोनोग्राम का इस्तेमाल करने के बारे में पूछने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया। यह अनदेखी भी सस्पेंस को बढ़ा रही है।

सेना के और भी जवानों को भेजी फ्रैंड रिक्वेस्ट:
मिशन हनी ट्रैप के जरिये सेना के बहुत से जवानों को फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी गई। 22 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फौजी सुनीत कुमार की गिरफ्तारी के बाद इंटेलीजेंस को इसकी जानकारी हुई। मालूम चला है कि सेना के जितने भी जवानों को फेसबुक से जोड़ा गया, उनके बारे में मिलिट्री इंटेलीजेंस गुप्त रूप से सूचनाएं जुटा रही है। जिससे मालूम चले कि कितने जवानों से संपर्क साधा गया और उनकी गतिविधियां किस तरह की रहीं।
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