भारत से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं हासिल करने के लिए सोशल साइट्स पर जाल बिछा रही आईएसआई ने युवतियों को खास ट्रेनिंग दे रखी है। यह खुलासा इंटेलीजेंस द्वारा विज्ञान शिक्षक दीपक शर्मा से की गई पूछताछ में हुआ है। दीपक से भी फेसबुक पर चैटिंग में युवती ने खुद को विज्ञान क्षेत्र से जुड़ा बताया। बोली कि मैं साइंस से प्यार करती हूं, इसीलिए वैज्ञानिकों को अपना फ्रैंड बनाया है।
बृहस्पतिवार को खुफिया विभाग की स्पेशल सेल ने दीपक से फिर पूछताछ की। एनएएस कॉलेज में शिक्षक एवं जिला विज्ञान क्लब के सचिव दीपक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में रहने वाले वैज्ञानिक कुलदीप फेसबुक पर उनके म्यूचुअल फ्रैंड हैं। उसी ग्रुप में रानी राव यदुवंशी नामक युवती ने 24 अगस्त को उन्हें फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी। रिक्वेस्ट स्वीकारने के बाद उन्होंने युवती का प्रोफाइल चेक किया, तो उसमें उसके एसीपी इंटेलीजेंस होने की जानकारी दी गई थी। एक कोने में आईएसआई का मोनोग्राम भी था।
चैटिंग में उन्होंने युवती से पूछा कि ये प्रोफाइल किसका है, तो उसने कहा कि मैं आईएएस की तैयारी कर रही हूं तथा ये प्रोफाइल मेरे परिचित का है, जो इंडियन इंटेलीजेंस सर्विस में हैं। इसी दौरान युवती ने दीपक के ग्रुप में शामिल पांच अन्य वैज्ञानिकों को भी रिक्वेस्ट भेज दी। दीपक ने बताया कि उन्होंने अपने सभी दोस्तों को मैसेज किया कि इस युवती से सावधान रहें। साथ ही मिलिट्री इंटेलीजेंस के अफसरों को भी अवगत कराया। फेसबुक पर हुई चैटिंग की पूरी डिटेल भी दे दी, ताकि कोई विवाद न उत्पन्न हो।