इराक में आईएस आतंकियों द्वारा 39 भारतीयों की हत्या किए जाने की खबरों के बाद भारतीय संसद में जमकर हंगामा हुआ। इस मामले पर सभी विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार को घेरा।
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सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि,"पीएम मानो अश्वमेध के रथ पर सवार हैं और उनके घोड़े को कोई पकड़ने वाला नहीं है जबकि कश्मीर में जवान मारे जा रहे हैं, इराक में 39 लोगों की हत्या की खबर है।"
उनसे पहले कांग्रेस सांसद आनन्द शर्मा ने कहा कि,"इराक में 39 भारतीय मारे गए हैं। इस मामले में सरकार क्या कर रही है जबकि चुनावों से पहले तो पीएम बहुत बड़ी बातें किया करते थे।"
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आनन्द शर्मा को बीजेपी सांसद और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने टोक दिया और कहा कि,"कृप्या ऐसा ना कहें कि वे लोग मारे गए हैं। कहें कि ऐसी खबर है।"
सभी दलों ने मिल कर घेरा सरकार को
मायावती ने भी सरकार पर इराक और पाकिस्तान के मामले को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि,"मैं इराक की खबर से चिंतित हूं। केरल की नर्सों को जैसे वापस लाया गया था वैसे ही इन लोगों को भा वापस लाया जाए।"
जेडीयू सांसद केसी त्यागी ने कहा कि,"पीएम साम्राज्यवाद की नीति पर हैं। सरकार की तमाम विदेश नीतियां फेल हो गई हैं और पूरी दुनिया भी भारत का एक भी दोस्त नहीं बचा है।"
इसके बाद कांग्रेस की ओर से प्रमोद तिवारी ने भी सरकार और विदेश मंत्री को घेर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार को इराक मामले में जवाब देना चाहिए और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।"
इसके बाद सपा सांसद जया बच्चन ने कहा कि," आप सब लोग इस मामले में राजनीति ना करें। दलगत भावना से ऊपर उठें और पीड़ित परिवारों के बारे में सोचें। क्या आप में से किसी ने पीड़ित परिवारों से बात की है?"
"सरकार 66 सिर लेकर आएगी?"
सांसद शरद यादव ने कहा कि," सरकार को चाहिए वह स्थिति स्पष्ट करे। सरकार के हाथ लंबे हैं या चैनल के? टीवी चैनल खबर ला रहा है लेकिन सरकार के पास कोई खबर नहीं।"
इसके बाद राजीव शुक्ला ने भी सरकार पर हमला होला। उन्होंने कहा कि," पहले कहा जाता था कि वो एक सिर काटेंगे तो हम 11 सिर काटेंगे। कल हमारे छह जवान शहीद हुए हैं। क्या सरकार उधर से 66 सिर लेकर आएगी?"
इन तमाम सवालों के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपना पक्ष रखना शुरु किया। उन्होंने तमाम सांसदों और खास तौर पर मायावती का धन्यवाद दिया क्योंकि उनके टोकने के बाद किसी सांसद ने मौतों का दावा नहीं किया बल्कि 39 मौतों की खबर कहा।
उन्होंने कहा कि,"आप सब पीएम की यात्राओं के बारे में पूछ रहे हैं लेकिन इसके बारे में मैं अगले हफ्ते पूरा विवरण दूंगी।" इसके बाद उन्होंने इराक में अगवा भारतीयों के बारे में जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक जीवित हैं भारतीय: सुषमा
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि," ना तो हमारे पास इस बात के सुबूत हैं कि वो 39 लोग जिंदा हैं और ना इस बात के सुबूत हैं कि वे लोग मारे गए हैं।"
सुषमा स्वराज ने कहा कि,"ये जो खबर एक टीवी चैनल ने चलाई है ये खबर पिछले पांच महीनों में दसियों बार निकल कर सामने आई है। दिल्ली से निकलने वाले अंग्रेजी अखबार में भी छपा था और उसके बाद पंजाब के कई पंजाबी अखबारों में भी।"
उन्होंने जया बच्चन की बात की जवाब देते हुए कहा कि,"आपने पूछा था पीड़ित परिवारों का हाल, मैं खुद उन परिवारों से मिली हूं और एक दो नहीं पांच बार मिली हूं।"
उन्होंने हरजीत (आतंकियों से कब्जे से बच निकलने वाला शख्स) की बात पर कहा कि,"दरअसल हरजीत के बयानों में विरोधाभास है। मेरे पास दो तरीके थे। पहला ये कि मैं हरजीत की बात मान कर गायब लोगों की तलाश बंद कर दूं या फिर उसकी बात को दरकिनार कर तलाश जारी रखी जाए। मैंने दूसरा तरीका चुना।"
उन्होंने कहा कि,"हमने हर उस देश, संस्था और शख्स से संपर्क किया जो हमारी मदद कर सकता था। छह सोर्स बताते हैं कि वे लोग जीवित हैं। मैंने ये बात अरुण जेटली और हरजिंदर कौर को भी बताई है।"
सुषमा ने कहा कि,"मैं सोर्स का नाम नहीं बता सकती। बता दिया तो उसका सिर कलम कर दिया जाएगा। अब बात हरजीत की करें तो वो पूरी तरह ठीक है और सरकार के कब्जे में है।"
उन्होंने कहा कि,"जिन बांग्लादेशियों के हवाले से खबर दिखाई गई है उन्होंने भी हरजीत का हवाला दिया है। हरजीत की बातों पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है।"
विदेश मंत्री ने कहा कि,"हमारे प्रयास दिनरात जारी हैं और अगर मैं कहूं कि हमने जमीन आसमान एक किया हुआ है तो गलत ना होगा। हमने एक बेहद काबिल अफसर को वहां लगाया। फिर उनकी जगह पर दो अन्य अफसरों को लगाया।"