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कौन हैं अमिताभ ठाकुर, जिन्हें मुलायम ने धमकी दी!

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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर धमकी देने का आरोप लगाने वाले आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर इससे पहले भी चर्चाओं में रहे हैं। अमिताभ इन दिनों सिविल डिफेंस में आईजी के पद पर तैनात हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से आने वाले अमिताभ नेशनल आरटीआई फोरम के संस्थापक हैं।
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शासन-प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय देकर अमिताभ सरकारी व्यवस्था पर कई बार उंगली उठा चुके हैं। कभी-कभी मीडिया में खबरें भी आईं कि अमिताभ ऑफिस से छुट्टी लेकर विवादास्पद मामलों में खुद ही जांच करने निकल जाते हैं।

अमिताभ की पत्नी नूतन ठाकुर एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। नूतन लखनऊ से आम आदमी पार्टी की सदस्य भी थीं, लेकिन पार्टी का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
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'गार्ड ऑफ ऑनर' को खत्म करने की मांग

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर उस वक्त चर्चा में आए जब उन्होंने माननीयों को पुलिस द्वारा दिए जाने वाले 'गार्ड ऑफ ऑनर' की आलोचना की थी। उन्होंने इस सम्मान को खत्म करने की मांग भी की।

अमिताभ ने यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन को पत्र लिखकर मांग की कि सम्मान पाने वाले कुछ मंत्री आपराधिक पृष्ठभूमि के होते हैं, जिन्हें पुलिस को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देना पड़ता है।

अमिताभ ने अपने पत्र में लिखा कि ऐसे लोगों को गार्ड ऑफ ऑनर देने से पुलिस का मनोबल गिरता है, साथ ही जनता के बीच भी गलत संदेश जाता है, इसलिए इस सम्मान को देने पर रोक लगाई जाए। इस मामले पर काफी विवाद हुआ था।

फेसबुक पर दर्ज कराई थी एफआईआर

सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर काफी सक्रिय रहने वाले अमिताभ ठाकुर फेसबुक पर भी एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। फेसबुक पर 'आई हेट गांधी' नाम से किसी अज्ञात व्यक्ति ने एक ग्रुप शुरू किया था।

इस पेज पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर अभद्र टिप्पणी की जा रहीं थी। अमिताभ ठाकुर ने इस पेज के खिलाफ फेसबुक में शिकायत की, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने फेसबुक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।

उनके एफआईआर दर्ज कराने के कुछ दिन बाद ही फेसबुक ने 'आई हेट गांधी' नाम के उस पेज को बैन कर दिया। सोशल मीडिया में इस काम के लिए अमिताभ को काफी वाहवाही मिली थी।

खुद ही निकल पड़ते हैं मामलों की जांच करने

अमिताभ ठाकुर अक्सर ऑफिस से छुट्टी लेकर कई बार यूपी के बड़े मामलों में खुद ही जांच करने निकल जाते हैं और इसकी जानकारी सोशल साइट्स के माध्यम से शेयर कर विवाद भी खड़े कर देते हैं।

हाल ही में बाराबंकी में थाने के अंदर दो पुलिसकर्मियों द्वारा महिला को जिंदा जलाए जाने की खबरों के बीच अमिताभ ने पोस्ट किया, 'कोठी (बाराबंकी) में महिला के थाने में जलाए जाने की घटना में एक से अधिक तरह की बातें सुन रहा हूं। अपने स्तर पर सच्चाई जानने और असलियत से रूबरू होने के लिए 11 जुलाई को मौके पर कोठी क़स्बा, बाराबंकी जाऊंगा।

अमिताभ ने 2 जुलाई को पोस्ट किया, 'जो ‪#‎ShailendraAgrawal‬ यूपी के लिए हैं, वही ‪#‎LalitModi‬ ‪#‎Lamo‬ पूरे देश के लिए हैं- दलाल स्ट्रीट एक्सप्रेस हाईवे'...।

26 मई को उन्होंने पोस्ट किया, 'नूतन एवं साथियों के साथ मंत्री श्री पंडित सिंह द्वारा एक युवा के साथ कथित संगीन गाली-गलौज और उसके बाद एक अन्य व्यक्ति को मंत्री बन कर फोन करने के आरोप में आनन-फानन में गिरफ्तार किये जाने के मामले में व्यक्तिगत स्तर पर जानकारी हेतु गोंडा जा रहा हूं। हम करीब 08.30 बजे गोंडा निकलेंगे।'
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दुष्कर्म का भी लग चुका है आरोप

अपने बगावती तेवरों के लिए मशहूर आईजी अमिताभ ठाकुर पर एक महिला से दुष्कर्म का भी आरोप लग चुका है। गाजियाबाद की एक महिला ने राज्य महिला आयोग से शिकायत करते हुए अमिताभ पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। हालांकि अमिताभ ने इस पूरे मामले को फर्जी करार दिया था।

इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पूर्व प्रधान सचिव प्रदीप शुक्ला की बहाली पर भी अमिताभ ठाकुर ने सवाल खड़े किए थे। गौरतलब है कि प्रदीप शुक्ला यूपी के एनआरएचएम घोटाले में आरोपी थे, जो हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं और सरकार ने उन्हें राजस्व बोर्ड में नियुक्त किया है। अमिताभ ने सवाल उठाया कि सरकार को जनता को बताना चाहिए कि किस आधार पर घोटाले के एक आरोपी की बहाली की गई है।
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