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राजनाथ के बयान से दिल्ली पुलिस और आईबी ने झाड़ा पल्ला

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जेएनयू की घटना को लश्कर प्रमुख हाफिज सईद से जोड़ने संबंधी गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर सिर्फ राजनीति में ही नहीं अफसरशाही में भी खलबली मची हुई है। इस मसले पर राजनाथ सिंह से मिलने आए दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने कहा कि सईद के संबंध में उन्होंने अब तक सरकार को कोई राय नहीं दी है।
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वहीं खुफिया एजेंसी आईबी भी इस मामले से पल्ला झाड़ने का संकेत दे रही है। इस बीच, इस संवेदनशील मुद्दे पर गृहमंत्री को घिरता देख गृह मंत्रालय डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। मौके का लाभ उठाते हुए हाफिज सईद ने भी असल ट्विटर से भारत सरकार पर भ्रम फैलाने का तंज कसा है।

राजनाथ ने रविवार को एजेंसी के सोर्स का हवाला देते हुए बयान दिया था कि जेएनयू में भारत विरोधी नारेबाजी हाफिज सईद के समर्थन से हुआ। वहीं बस्सी ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब तक सईद के बारे में नकली और असली ट्वीट के अलावा कुछ मालूम नहीं हुआ है।
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डैमेज कंट्रोल में जुटे गृह मंत्रालय के अधिकारी

उधर, आईबी के उच्चपदस्थ सूत्र बता रहे हैं कि गृहमंत्री के बयान का उनकी सूचना से कोई लेना देना नहीं है। गृह मंत्रालय में कोई पक्के तौर पर नहीं बता पा रहा है कि गृहमंत्री को सईद संबंधी सूचना किस एजेंसी ने दी थी। जेएनयू घटना में हुई गिरफ्तारी के बाद सईद के नकली ट्वीट से उसके समर्थन के बयान जारी हुए थे।

खासतौर से आंतरिक सुरक्षा और विदेश मामलों से जुड़े अधिकारी इसे सरकार की बड़ी भूल बता रहे हैं। सरकार के उच्चपदस्थ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि गृहमंत्री के बयान ने आतंकी हाफिज सईद को सरकार के बराबर ला खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान में बैठा सईद राजनाथ के बयान के बाद अपने असली ट्वीटर एकाउंट से सरकार पर अपने ही लोगों के बीच भ्रम फैलाने का तंज कस रहा है।

सईद ने भारत पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अपने लोगों में भ्रम फैलाने वाली भारत सरकार पठानकोट और 26/11 के बारे में कितना सच बोल रही है।
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फूंक फूंककर कदम उठा रही हैं स्मृति ईरानी

वहीं जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को लेकर गृह मंत्रालय भले ही सक्रिय हो लेकिन मानव संसाधन विकास मंत्रालय अब फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। मंत्रालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी इस मामले में कोई जोखिम नहीं मोल लेना चाहती।

ईरानी ने शुक्रवार को पूरे प्रकरण पर विश्वविद्यालय से वस्तु स्थिति से अवगत कराने के लिए कहा है। सूत्र बताते हैं कि विश्वविद्यालय के कुलपति पूरे मामले की जांच करा रहे हैं और अगले सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट भेज सकते हैं। इसके अलावा मंत्रालय दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहा है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह मामला कानून और व्यवस्था से जुड़ा है। इस बारे में गृहमंत्री ने बयान दिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इससे अभी मंत्रालय का कोई लेना-देना नहीं है। रहा सवाल दोषी छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई या अनुशासनात्मक कदम उठाने का तो विश्वविद्यालय के कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन इसका निर्णय लेगा। सूत्र बताते हैं कि अभी मंत्रालय की स्थिति वेट एंड वॉच की है। यहां तक मानव संसाधन विकास मंत्री भी फूंक-फूंककर कदम रख रही हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति की रपोर्ट आने के बाद ही उनके द्वारा इस मामले में कोई कदम उठाने की उम्मीद है।
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