भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खास और उत्तर प्रदेश में भाजपा के चुनाव प्रभारी अमित शाह को सीबीआई की ओर से बड़ी राहत मिल गई है।
एजेंसी ने फैसला लिया है कि इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर की अतिरिक्त चार्जशीट में उनका नाम शामिल नहीं किया जाएगा।
एनकाउंटर के समय शाह गुजरात के गृह राज्य मंत्री थे और माना जा रहा था कि इस मामले में उनकी भी भूमिका है। हाल ही में इस्तीफा देने वाले गुजरात क्राइम ब्रांच के तत्कालीन डीसीपी डीजी वंजारा ने भी शाह की भागीदारी के संकेत दिए थे। मगर अब सीबीआई पर्याप्त सुबूतों के अभाव के चलते उन्हें इस मामले से दूर रखने का मन बना चुकी है।
एजेंसी के शीर्षस्थ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि अतिरिक्त चार्जशीट का मसौदा तैयार है। इसमें अमित शाह का नाम नहीं है। शाह गुजरात में ही हुए सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर में भी मुख्य आरोपी हैं और जेल भी जा चुके हैं।
हालांकि खुफिया एजेंसी आईबी के पूर्व संयुक्त निदेशक राजेंद्र कुमार समेत तीन सेवारत आईबी अधिकारियों के खिलाफ पुख्ता सुबूत मिले हैं। इसलिए उनका नाम चार्जशीट में शामिल किया गया है। अब सीबीआई इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार की हरी झंडी लेने की औपचारिकता पर काम कर रही है।
इसके लिए कानून मंत्रालय से राय लेने का प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। सीबीआई के मुताबिक शाह के मामले में जांच अभी भी चल रही है। इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर मामले में 2004 में पहली चार्जशीट दायर की गई थी। इसमें गुजरात पुलिस क्राइम ब्रांच के तत्कालीन डीसीपी डीजी वंजारा समेत नौ पुलिस अधिकारियों को आरोपी बनाया था। साथ ही इसमें आईबी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए थे।