शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की हालत शनिवार को भी नाजुक बनी रही। वह स्वत: सांस नहीं ले पा रहीं, जिस कारण उन्हें ऑक्सीजन दी जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक अगले कुछ घंटे उनके लिए बेहद अहम हैं।
उनकी जांच पर आई दो अलग-अलग रिपोर्टों के चलते पूरा मामला गहराता दिख रहा है। एक रिपोर्ट में इंद्राणी के शरीर में एंटी डिप्रेशन दवा की मात्रा सामान्य से दस गुना अधिक बताई गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में सभी टेस्ट निगेटिव आए हैं।
इंद्राणी के तबीयत बिगड़ने को लेकर उठ रहे साजिश के सवालों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महानिरीक्षक (जेल) को मामले की जांच हर पहलू से करने का आदेश दिया है।
वहीं, प्रधान सचिव (जेल) विजय सतबीर सिंह ने कहा कि मामले की जांच सभी कोणों से की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि इस पूरे मामले में कहीं कोई साजिश तो नहीं है।
यूरिन में बेंजोडियाजेपीन की अधिक मात्रा
जेजे अस्पताल के डीन डॉ. टीपी लहाने ने शनिवार को बताया कि हिंदुजा अस्पताल की यूरिन टेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक इंद्राणी के शरीर में एंटी डिप्रेशन दवा की मात्रा ज्यादा पाई गई है।
एंटी डिप्रेशन की दवा का सेवन करने वाले इंसान के यूरिन में बेंजोडियाजेपीन की मात्रा 200 होती है जबकि इंद्राणी के यूरिन में यह 2088 थी। इससे पता चलता है कि एंटी डिप्रेशन की दवा ज्यादा ली गई।
उनके मुताबिक इंद्राणी ने शनिवार सुबह आंखें जरूर खोलीं, लेकिन वह अब भी गहरी नींद में हैं। वह वेंटिलेटर पर नहीं हैं। जेल में इंद्राणी के आत्महत्या की कोशिश करने की आशंका के सवाल पर डीन ने कहा कि इस बारे में वह अभी कुछ भी नहीं कह सकते।
हालांकि इसके ठीक उलट सरकारी फोरेंसिक लैबोरेटरी के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर नितिन चुटके ने कहा कि उन्हें इंद्राणी के यूरिन और ब्लड के जो सैंपल भेजे गए थे उसमें सारी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
25 अगस्त को किया गया था गिरफ्तार
डॉक्टर ने कहा कि इंद्राणी के शरीर में दवा की मात्रा निशान नहीं मिले हैं। इंद्राणी की जांच को लेकर आ रही दो अलग अलग रिपोर्टों से पूरा मामला अब और गहराता दिख रहा है।
स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी को अपनी बेटी शीना की हत्या के आरोप में 25 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उधर, इंद्राणी के एक वकील ने निचली अदालत में याचिका दाखिल कर उनसे अस्पताल में मिलने की अनुमति मांगी, जिस पर अदालत ने इंद्राणी के स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
जेल रिकॉर्ड के मुताबिक इंद्राणी 11 सितंबर से मिर्गीरोधी दवा खा रही थीं।डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि उन्होंने कई दिन की गोलियां इकट्ठा कर एक साथ खा ली थीं, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। शुक्रवार को जेल में ही इंद्राणी के बेहोश हो जाने के बाद उन्हें जेजे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।