चीन की दक्षिण एशिया नीति में भारत नहीं पाकिस्तान अहम है।
एक सरकारी अखबार ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को पाकिस्तान और चीन की गहरी दोस्ती को स्वीकार करना चाहिए।
बीजिंग महज नई दिल्ली की भावनाओं के चलते पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को कमजोर नहीं कर सकता।
सरकार द्वारा संचालित अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि प्रधानमंत्री ली केचियांग के विमान का जेएफ-17 लड़ाकू विमानों द्वारा मार्ग रक्षण करना और उनके स्वागत के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री का हवाई अड्डे पर मौजूद रहना दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है।
रिश्तों में गहराई
अखबार ने कहा है कि भारत और चीन के रिश्ते व्यापक हुए हैं, जबकि इस्लामाबाद-बीजिंग के रिश्तों में गहराई और मजबूती है।
पाक में राजनीतिक संकट और चीन व भारत के मुकाबले कमजोर आर्थिक विकास के बावजूद बीजिंग के लिए इस्लामाबाद का महत्व कम नहीं हुआ है।
चीनी पीएम ली केचियांग की पाक की यात्रा के बाद अखबार ने कहा है कि बीजिंग की दक्षिण एशिया नीति में इस्लामाबाद प्रमुख भूमिका में बना रहेगा।
चीन का इनकार
लेख में कहा गया है कि कई विवादों के बावजूद दोनों पड़ोसियों भारत और पाकिस्तान के साथ विकसित होता दोस्ताना सहयोग चीन ही नहीं पूरे क्षेत्र के हित में है।
चीन एक देश के खिलाफ दूसरे देश को इस्तेमाल करने की रणनीति नहीं अपनाता है। लेख में इस बात से भी इनकार किया गया है कि बीजिंग ने गुपचुप तरीके से पाकिस्तान को परमाणु तकनीक दी है।