भारत और मलयेशिया ने सोमवार को सुरक्षा और रक्षा अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करते हुए आतंकवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता जताई। मलयेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक के साथ हुई बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों से आतंकियों को न्याय के दायरे में लाने की मांग की। रजाक के साथ हुई चर्चा के बाद संयुक्त बयान में मोदी ने कहा कि विभिन्न देशों पर हाल ही में हुए आतंकी हमले भारत और अफगानिस्तान में कई सालों से लगातार चल रहे आतंकी हमलों की वैश्विक प्रकृति को याद दिलाता है।
सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के बारे में मोदी ने कहा कि दोनों देश इसे और मजबूत बनाएंगे। इसमें समुद्री सुरक्षा और क्षेत्र में आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करना भी शामिल है। आतंकवाद और उग्रवाद से लड़ने का नेतृत्व करने , धर्म और आतंकवाद के संबंध को खारिज करने और इस्लाम के वास्तविक मूल्य को लोगों के सामने रखने के लिए प्रधानमंत्री ने नजीब की सराहना की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने बहुसंस्कृति को प्रोत्साहित करने की अपनी जिम्मेदारी दोहराई और लोकतंत्र, बहुलता और विकास की प्रतिबद्धता पुन: सुनिश्चित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश संयुक्त अभ्यास को अपग्रेड करने एसयू-30 फोरम पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश अभ्यास की जटिलता के स्तर और प्रशिक्षण तथा रक्षा उपकरणों के मामले में सहयोग के स्तर पर बहुत कुछ करेंगे। साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में हमारे परस्पर सहयोग का समझौता काफी महत्वपूर्ण है। भारत और मलयेशिया ने साइबर सिक्योरिटी और प्रोजेक्ट डिलीवरी के क्षेत्र में सहयोग का समझौता किया है। इसके अलावा, 2015-20 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान योजना के लिए भी समझौता किया गया है।