राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वातावरण संरक्षण के मोर्चे पर भारत अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में भारत को जरूरी नाभिकीय ईंधन नहीं मिल पाता है।
मोदी ने कहा, "वातावरण संरक्षण के मसले पर भारत अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है, लेकिन जो लोग हमें पर्यावरण पर बड़ी बड़ी बातें समझाते हैं स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को कहते हैं वो हमें नाभिकीय ईंधन नहीं देते हैं। यह एक दोहरा चरित्र है।"
उन्होंने कहा कि पर्यावरण को किस तरह से बचाया जा सकता है उनके तरीकों को लेकर भारत आगे आकर काम करने में सक्षम है। हमें पर्यावरण को बचाने के लिए परंपरागत तरीकों को आजमाने के बारे में सोचना चाहिए, हमारी परंपराओं में इस समस्या का कोई खुशनुमा ईलाज हो सकता है।