भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित और बालटिस्तान में 8 जून को चुनाव कराने के पाकिस्तान के ऐलान पर सख्त प्रतिक्रिया जताई है। अपनी नाराजगी जताते हुए भारत का कहना है कि इन इलाकों में चुनाव का ऐलान कर पाकिस्तान वहां अपने जबरन और अवैध कब्जे पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है।
साथ ही कहा चुनाव जैसे हथकंडे अपनाकर वह इस मामले में दुनिया को गुमराह नहीं कर सकता है। नई दिल्ली ने इन इलाकों के लोगों को राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखने और इन्हें अपने हिस्से में मिलाने के पड़ोसी मुल्क के प्रयासों पर भी चिंता जताई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि पीओके समेत संपूर्ण जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। ऐसे में गिलगित-बालटिस्तान एंड सेल्फ आर्डर के तहत दोनों इलाकों में चुनाव कराया जाना पाकिस्तान द्वारा भारत के हिस्से पर किए गए अवैध कब्जे पर पर्दा डालने जैसा है। उन्होंने कहा कि भारत इन दोनों इलाकों के लोगों को राजनीतिक अधिकार देने से इनकार किए जाने और इन पर कब्जा करने की पाक की कोशिशों से बेहद चिंतित है।
उन्होंने गिलगित और बालटिस्तान के स्थानीय लोगों के इतर पाकिस्तान के संघीय मंत्री को गवर्नर बनाए जाने का जिक्र किया और कहा कि इससे भी पता चलता है कि पाकिस्तान इस भूभाग के लोगों को राजनीतिक अधिकार नहीं देना चाहती। इसके अलावा पाकिस्तान के रवैये के कारण स्थानीय लोगों को आतंकवाद, जातीय संघर्ष और कब्जा करने वाली नीतियों के कारण आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।