भारत को पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित की कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से मुलाकात नागवार तो गुजरी है, मगर वह इसे फिलहाल तूल देने के मूड में नहीं है।
भारत का सारा ध्यान पठानकोट और मुंबई आतंकी हमला मामले में कूटनीतिक पहल के जरिए पाकिस्तान की पेंच कसने की है। खासतौर पर मुंबई हमला मामले में जिस प्रकार आतंकी डेविड हेडली ने अदालत में बयान दर्ज करा कर पाकिस्तान को घेरा है, उससे भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ताकतवर देशों का साथ मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
चूंकि हेडली ने अमेरिका की जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुंबई हमला मामले में पाकिस्तान के शामिल होने के भारत के आरोपों की पुष्टि की है, इसलिए कूटनीतिक रणनीतिकारों को लगता है कि इस बार पाकिस्तान पर इस हमले में शामिल आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का चौतरफा वैश्विक दबाव पड़ेगा।