यमुना की पानी में समाई 80 फीसदी गंदगी वर्ष 2017 तक पूरी तरह हटा दी जाएगी। इसके लिए दिल्ली क्षेत्र में सर्वाधिक प्रदूषित यमुना को बचाने के लिए इंटरसेप्टर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं सरकार ने लखबार ब्यास बांध परियोजना को मंजूरी दे दी है।
जल संसाधन और गंगा पुनरुद्घार मंत्री उमा भारती ने लोकसभा में बताया कि इस बांध के बनने के बाद मानसून में जहां यमुना के जल को रोका जाएगा, वहीं मानसून बीतने के बाद इस बांध की मदद से यमुना में पर्याप्त जल भेजा जाएगा। इससे पानी की कमी के कारण प्रदूषण से लड़ने की शक्ति गंवा चुकी यमुना में अपनी पुरानी शक्ति लौट आएगी।
इस दौरान उमा ने दिल्ली में 17 प्रमुख नालों के जरिए यमुना में गंदा पानी भेजा जाना जारी रहने पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन नालों का स्थाई विकल्प ढूंढे बिना यमुना को निर्मल बनाना संभव नहीं होगा। उन्होंने इस संबंध में दिल्ली सरकार से मदद की अपील की और कहा कि अगर इन नालों का अभी से विकल्प ढूंढा गया तो वर्ष 2030 में इसका स्थाई निदान संभव हो पाएगा।