‘सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का’ यह कहावत सत्ताधारी पार्टी पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। सरकार के राजनीतिक गढ़ इटावा, कन्नौज, मैनपुरी और आजमगढ़ आदि जनपदों में प्रदेश में सबसे ज्यादा लाइन लॉस है। प्रदेश के 16 जनपदों में 50 फीसदी और 14 जनपदों में 40 फीसदी से ज्यादा लाइन लॉस है।
इसमें पीवीवीएनएल के चार जनपदों रामपुर, संभल, शामली और जेपीनगर में भी 50 फीसदी से ज्यादा लाइन लॉस रिकार्ड किया जा रहा है। प्रदेश में पावर अफसर लाइन लॉस कम करने और बिजली चोरी रोकने की बजाय घाटे के नाम पर हर साल बिजली दर बढ़ाने की सरकार से मांग करते हैं।
सरकार भी उपभोक्ताओं की जेब पर भार डाल देती है। केंद्र सरकार की फटकार और लाइन लॉस 15 फीसदी तक लाने के बाद ही योजनाओं के लिए पैसा देने के बाद जागी प्रदेश सरकार ने 12 जनवरी से 28 फरवरी तक बिजली चोरी पकड़ों अभियान का शुभारंभ किया हुआ है।
वहीं सरकार के राजनीतिक गढ़ वाले जनपदों इटावा, मैनपुरी, कन्नौज और आजमगढ़ में ही सबसे ज्यादा लाइन लॉस रिकार्ड किया जा रहा है। अभियान के संदर्भ में प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन द्वारा भेजे गए पत्र में दी गई सूची में इसका खुलासा हुआ है।
उन्हीं जनपदों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी है जहां सपा सुप्रीमो, सीएम और उनके परिवार के सांसद सदस्यों और रसूखदार कैबिनेट मंत्रियों का राजनीतिक वजूद है।