गरीबी हटाने या गरीबों को कुछ राहत देने के नाम पर सरकार की ओर से लोगों को सब्सिडी दी जा रही है। लेकिन सब्सिडी देने वाले महकमें और किसी भी अधिकारी को यह पता नहीं है कि सब्सिडी लेने वाला जीवित है या नहीं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसा, हरियाणा के मेवात जिले के धाणा गांव में कई ऐसे सब्सिडी के लाभार्थी हैं जिनकी मृत्यु कई साल पहले ही हो चुकी थी।
रिपोर्ट के अनुसार धाणा गांव में हट्टी, इब्राहीम और हरमत नाम के किसान ऐसे ही लाभार्थी हैं जिनकी मौत 2001 और 2006 के दौरान हो गई थी।
लेकिन इन्हें लोगों के नाम से हॉर्टीकल्चर विभाग के पास फिर से आवेदन आए हैं।