नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और सांप्रदायिक भाषण देने के मामले में जेल में बंद कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद की अंतरिम जमानत अर्जी को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने खारिज कर दिया है।
जमानत प्रार्थनापत्र पर अब दो अप्रैल को सुनवाई होगी।
इमरान मसूद के विवादित और भड़काऊ भाषण का वीडियो प्रकाश में आने के बाद उनके खिलाफ देवबंद थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में पुलिस ने इमरान को मेघछप्पर स्थित आवास से गिरफ्तार कर देवबंद के न्यायालय में पेश किया था।
वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
इमरान मसूद की ओर से सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ चवन प्रकाश के न्यायालय में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई। अर्जी में तर्क दिया गया कि घटना पुरानी है और जातिसूचक शब्द किसे कहे गए, इसका भी उल्लेख नहीं है।
अभियोजन अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने जमानत पर आपत्ति करते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया हुआ है। प्रार्थनापत्र की प्रति आज ही प्राप्त हुई है और केस डायरी भी नहीं है। लिहाजा तीन दिन का समय दिया जाए।
इसके बाद इमरान मसूद के अधिवक्ता अनवार अहमद सिद्दीकी ने अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र देकर आरोपी के लोकसभा चुनाव लड़ने का हवाला दिया। अपर सत्र न्यायाधीश ने अंतरिम जमानत अर्जी को खारिज करते हुए जमानत पर अगली सुनवाई के लिए दो अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।