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'गोमांस के अवैध कारोबार पर नकेल लगाएगी सरकार'

Tue, 06 Oct 2015 09:18 AM IST
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा कांड को लेकर गोमांस पर छिड़ी सियासी बहस के बीच केंद्र सरकार अवैध तरीके से हो रहे गोमांस के अवैध कारोबार पर नकेल कसने की तैयारी में है। सरकार ने इस सिलसिले में मांस के आयात-निर्यात का सही आंकड़ा जुटाने का निर्णय लिया है। इसके लिए कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की मंगलवार को बैठक बुलाई गई है।
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अमर उजाला से बातचीत में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान ने कहा है कि देश से मांस के आयात-निर्यात के सही आंकड़े को जांचने के लिए मंगलवार को एपीडा की बैठक होगी। देश से गोमांस का निर्यात वर्ष 2000 से ही बंद है। बावजूद उसके यह देखा गया है कि अवैध तरीके से गोमांस (बीफ) का निर्यात जारी है।

सांप्रदायिक सियासत के सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पुलिस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के दोहरे चरित्र के वजह से सूबे में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और सपा नेताओं की शह पर सूबे में अवैध रूप से खनन, शराब और मांस का कारोबार चरम पर है।
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बंद कराई जाए हत्या

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव दिग्विजय सिंह के गोहत्या के खिलाफ कानून की मांग पर धन्यवाद जताते हुए बालियान ने कहा है कि वे जल्द ही सिंह को एक पत्र लिखकर उनसे मांग करेंगे कि केरल में गोहत्या बंद की जाए। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस पार्टी की सरकार है।

दिग्विजय सिंह देश के अन्य राज्यों की तरह केरल में भी गोहत्या बंद करवाएं। केंद्रीय राज्यमंत्री के अनुसार देश में महज केरल, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, असम और पश्चिम बंगाल ऐसे पांच राज्य हैं जहां गोहत्या प्रतिबंधित नहीं है।

देश में मांस के अवैध कारोबार पर अंकुश न लगा पाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सियासी वार करने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आरोपों पर बालियान ने कहा है कि कानून व्यवस्था का मामला राज्यों का है।
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स्थानीय नेता की गलती के लिए पूरी पार्टी दोषी नहीं

यूपी में गोहत्या पर पाबंदी है। इसके बावजूद अवैध कारोबार जारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महज मांस के आयात-निर्यात पर नियंत्रण कर सकती है और देश से गोमांस के निर्यात पर पहले से ही पाबंदी है।

वहीं बिसाहड़ा कांड को गलत करार देते हुए संजीव बालियान ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति इस घटना को जायज नहीं ठहरा सकता है। घटना पूरी तरह गलत है। और उसके जो भी वास्तविक दोषी हैं उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

मामले में भाजपा का नाम आने पर बालियान ने कहा है कि बिसाहड़ा कांड को पार्टी या सांप्रदायिक आधार पर बांटना गलत है। अगर कोई स्थानीय कार्यकर्ता कुछ गलत कर देता है तो उसके लिए पूरी पार्टी को दोष नहीं दिया जा सकता है।
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