भाजपा नेता और सांसद चंदन मित्रा द्वारा केंद्र में एनडीए सरकार आने पर नोबेल पुरस्कार विजेता मशहूर अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को मिले भारत रत्न सम्मान को वापस लिए जाने की बात ने सियासी विवाद पैदा कर दिया है।
कांग्रेस ने मित्रा के बयान पर भाजपा से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। जबकि समाजवादी पार्टी ने भी भाजपा को इसके लिए आड़े हाथों लिया है।
गौरतलब है कि भाजपा नेता चंदन मित्रा ने ट्वीट किया है कि अमर्त्य सेन राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं, इसलिए अगर केंद्र में चुनाव के बाद एनडीए सरकार बनी तो उसे उनसे भारत रत्न वापस ले लेना चाहिए। मित्रा ने सेन को एक ऐसा अर्थशास्त्री बताया जो कांग्रेस की लाइन को आगे बढ़ा रहा है।
अमर उजाला से बातचीत में अपने ट्वीट की पुष्टि करते हुए मित्रा ने कहा कि भारत रत्न देश का सम्मान है और इसे पाने वाले व्यक्ति को राजनीति और राजनीतिक बयानबाजी से दूर रहना चाहिए। लेकिन सेन ने राजनीतिक बयानबाजी शुरु कर दी है, इसलिए वह इसके हकदार नहीं रह गए हैं।
यह पूछने पर कि क्या भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति किसी मुद्दे पर अपनी निजी राय भी नहीं रख सकता, मित्रा ने कहा कि वह राय नहीं बल्कि राजनीतिक बयान दे रहे हैं।
गौरतलब है कि एक टीवी इंटरव्यू में अमर्त्य सेन ने हाल ही में एक सवाल के जवाब में कहा कि वह नरेंद्र मोदी को देश के प्रधानमंत्री पद के योग्य नहीं मानते क्योंकि वह गुजरात में मुसलमानों के दिल से असुरक्षा की भावना दूर नहीं कर पाए हैं।
सेन के इस बयान को राजनीतिक बयान बताते हुए चंदन मित्रा ने एनडीए सरकार आने पर उनका भारत रत्न वापस लिए जाने की बात कही है। जबकि सेन को 1998 में नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद 1999 में जब भारत रत्न से सम्मानित किया गया था, तब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए सरकार थी।
मित्रा की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा है कि भारत रत्न किसी व्यक्ति या पार्टी की बपौती नहीं है कि जब चाहे कोई उसे वापस ले ले।
चतुर्वेदी ने सवाल किया कि यह संविधान में किस जगह लिखा है कि भारत रत्न या किसी अन्य सम्मान से सम्मानित व्यक्ति राजनीति नहीं करेगा या राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय नहीं रखेगा। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, डॉ. अंबेडकर जैसे राजनीतिक व्यक्ति भी इस सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किए गए हैं।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि अमर्त्य सेन भारत ही नहीं, विश्व के सम्मानित अर्थशास्त्री हैं। वह नोबेल पुरस्कार विजेता हैं और देश के लिए गौरव हैं। उन पर ऐसी टिप्पणी चंदन मित्रा जैसे व्यक्ति को शोभा नहीं देती।
अमर उजाला से बात करते हुए चतुर्वेदी और सिंह दोनों ने कहा कि भाजपा को मित्रा के बयान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेश दीक्षित ने भी मित्रा की टिप्पणी को अमर्यादित और अशोभनीय बताया।