सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एआर दवे ने शनिवार को कहा कि भारत को उसकी प्राचीन परंपरा में बदलते हुए छोटी उम्र में ही बच्चों को महाभारत और भगवद् गीता पढ़ाना चाहिए।
ग्लोबलाइजेशन के दौर में मानवाधिकार के समाने चुनौतियां और मुद्दे विषय पर एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन ‘गुरु शिष्य परंपरा’ खत्म हो गई है।
उन्होंने कहा कि यदि यह परंपरा होती तो आज हमारे सामने ये समस्याएं (हिंसा और आतंकवाद) नहीं होतीं। जस्टिस दवे ने कहा कि आज हम अधिकतर देशों में आतंकवाद देख रहे हैं। अधिकतर देश लोकतांत्रिक हैं... यदि एक लोकतांत्रिक देश में हर कोई अच्छा होता तो वह स्वभाविक रूप से बहुत अच्छे का चुनाव करता और वह व्यक्ति कभी किसी को नुकसान पहुंचाने के बारे में नहीं सोचता।