अब कोहरे केदौरान ट्रेनें आपस में नहीं टकराएंगी। वर्ष 2011 में कोहरे के दौरान उत्तर मध्य रेलवे जोन में प्रयागराज समेत कुछ ट्रेनों के आपस में टकरा जाने से हुए हादसों की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए रेलवे ने कोहरा बढ़ने पर ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन जारी रखने के लिए आटोमैटिक सिग्नल सेक्शन में मॉडिफाइड सेमी आटोमैटिक सिग्नल सिस्टम पर ट्रेनें चलाने की तैयारी की है।
इस दौरान एक सेक्शन पर दो ट्रेनें ही चल सकती हैं, जबकि आटोमैटिक सिग्नल में कई ट्रेनें चल सकती हैं। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन में आटोमैटिक सिग्नल सिस्टम में सामान्य मौसम में 150 मीटर के फासले पर दो ट्रेनों का संचालन होता रहता है।
इससे ट्रेनों का परिचालन सही समय पर होता है और स्पीड भी बेहतर रहती है। क्योंकि पीछे वाली ट्रेन को आगे वाली ट्रेन के स्टेशन तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना होता था।
कोहरा रहने पर ही होगा सिग्नल मॉडिफाइड
एनसीआर जोन के इलाहाबाद, झांसी, आगरा मंडल में यही सिगनल प्रणाली लागू है।
आगे आने वाले दिनों में घने कोहरे की आशंका को देखते हुए रेलवे सुरक्षा की
दृष्टि से मॉडिफाइड सिस्टम पर ही ट्रेनें चलाएगा। बता दें कि मॉडिफाइड
सिस्टम में एक सेक्शन पर दो ट्रेन चल सकती हैं। इसे आटोमैटिक प्रणाली को
रोक कर लागू करते हैं।
रेलवे अफसरों का कहना है कि अगर इस बार कोहरा रहने
पर ही सिग्नल मॉडिफाइड किया जाएगा। इसके लिए संबंधित स्टेशन मास्टर के पास
फॉग बटन रहता है। वह धुंध देखकर इसका इस्तेमाल कर सकता है। फॉग बटन दबाने
पर सिगनल मॉडिफाइड हो जाते हैं।
अगर कोहरा नहीं पड़ेगा तो सिग्नल आटोमैटिक
ही रहेगा। एनसीआर के सीपीआरओ बिजय कुमार ने बताया कि अगर कोहरा नहीं पड़
रहा है तो ऑटोमैटिक सिग्नल पर ही ट्रेनें चलेंगी।
ड्राइवरों को बांटे गए पंफलेट, पोस्टर
ड्राइवरों से भी कहा गया
है कि कोहरा रहने पर ट्रेन 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ज्यादा न
चलाएं। इसके अलावा रेल फ्रैक्चरों से प्रभावित क्षेत्रों को पहचानने एवं उन
पर विशेष निगरानी के लिए भी रेलवे ने पेट्रोलिंग करवानी शुरू कर दी है।
कोहरे
के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने पोस्टर, बैनर
आदि भी छपवाएं हैं। जोन के इलाहाबाद, झांसी और आगरा मंडल में ड्राइवर,
गार्ड एवं अन्य रनिंग स्टाफ को ये पोस्टर, बैनर एवं पंफलेट बांटे गए हैं।
इसमें कोहरे के दौरान सावधानियां एवं अन्य नियमों को बताया गया है। साथ ही
लोको निरीक्षकों की क्रू लॉबियों में लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों
की काउंसिलिंग भी करवाई जा रही है।