लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत का अंतर सबसे ज्यादा था।
मोदी ने 845464 वोट प्राप्त किए थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने 275336 वोट ही पाया था। जीत का अंतर 570128 वोटों का था।
आपने ये तथ्य लोकसभा चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद भी पढ़ा होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि मोदी ने इतनी बड़ी जीत के लिए चुनावी विज्ञापनों पर मात्र 40 हजार रुपए खर्च किए थे!
सोनिया गांधी को नहीं मिला चंदा
नरेंद्र मोदी ने वडोडरा में चुनावी विज्ञापनों पर महज 40 हजार रुपए खर्च किए थे।
कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने रायबरेली से लगातार पांचवी बार चुनाव जीता था, लेकिन सोनिया गांधी को कॉर्पोरेट से एक भी पैसा चंदा नहीं मिला था।
आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वाराणसी सीट पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़कर नई राजनीति की शुरुआत करने का दावा किया था। लेकिन चुनावों में एक भी पैसा उन्होंने अपनी जेब से नहीं खर्च किया।
मोदी ने वाराणसी में खर्च किए 38 लाख
लोकसभा चुनावों में खड़े सभी प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा सपत्ति नंदन नीलेकणी ने घोषित की थी। चुनाव प्रचार में जितना भी खर्च आया नीलेकणी ने अपनी जेब से किया था।
अंग्रेजी समाचार पत्र दी हिंदू ने लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए चुनाव खर्च का विश्लेषण किया है। समाचार पत्र के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने वडोडरा में चुनाव प्रचार पर कुल 50 लाख खर्च किए थे, जबकि वाराणसी में महज 38 लाख रुपए में ही उन्होंने चुनाव जीत लिया था।
मोदी से ज्यादा पैसे खर्च करने के बाद अरविंद केजरीवाल चुनाव हर गए थे। केजरीवाल ने 50 लाख खर्च किया था।
राहुल ने अमेठी में 39 लाख खर्च किए
रायबरेली में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने 31 लाख खर्च किया था, जबकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेठी में 39 लाख रुपए खर्च किए थे। अलग-अलग पार्टियों के अधिकांश बड़े नेताओं की चुनाव का खर्च पार्टी फंड से दिया गया।
लेकिन बंगलौर दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी नंदन नीलेकणी ने अपने पैसे से चुनाव लड़ा था। समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी मैनपुरी सीट पर चुनाव प्रचार का पूरा खर्च खुद ही उठाया था।
नीलेकणी बंगलौर दक्षिण सीट पर 70 लाख खर्च करने के बाद भी चुनाव हार गए।
मुलायम की जेब से गए 45 लाख
मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी सीट पर चुनाव प्रचार के लिए 45 लाख खर्च किए था। ये रुपए मुलायम सिंह यादव के थे। आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के लिए मुलायम ने पार्टी फंड से 50 लाख रुपए लिए थे।
मोदी की दोनों सीटों पर चुनाव प्रचार का खर्च पार्टी फंड से दिया गया था लेकिन उन्हें 5 लाख और 11 लाख का कार्पोरेट चंदा भी मिला था। ये स्पष्ट नहीं है कि ये चंदा किसने दिया था।
मोदी ने वडोडरा में विज्ञापनों पर 40 हजार और वाराणसी में विज्ञापनों पर 3.7 लाख खर्च किया था। सोनिया ने विज्ञापनों पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया, जबकि राहुल गांधी ने एसएमएस पर 68 हजार ख्रर्च किए।
केजरीवाल ने 200 गाड़ियों किराए पर ली थी
वडोडरा में चुनाव प्रचार में मोदी ने 3.2 लाख खर्च कर दिए।
एनसीपी नेता सुप्रिया सुले अपने चुनाव प्रचार में दो लाख रुपए ऑटोमेटेड फोन कॉल्स पर खर्च किए। केजरीवाल ने प्रचार के लिए 200 गाड़ियों को किराए पर लिया था, जबकि सोनिया गांधी ने 15 हजार रुपए फूलों पर खर्च किए।
चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को चुनाव खर्चों का ब्योरा नतीजों की घोषणा के 30 दिन के भीतर जमा करना होता है।