अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएस की वेबसाइट के जरिए टेक सेवी भारतीय युवाओं को रिझाने की कोशिश ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। चिंतित केंद्र सरकार ने शनिवार को दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की।
बैठक में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और आंध्र प्रदेश समेत 12 राज्यों के पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव शामिल हुए।
युवाओं के बंद कमरे में वेबसाइट के जरिए संदेश पढ़कर कट्टर बनने की आ रही छिटपुट खबरों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने कई ऐहतियाती कदम उठाने का फैसला किया है।
सुरक्षा एजेंसियों से मांगी गई बचाव की योजना
सूत्रों ने बताया कि राज्यों से कहा गया है कि आईएस के प्रभाव में आने वाले संभावित युवकों और उनके परिवार को काउंसलिंग के जरिए रोकना एक कारगर हथियार साबित हो सकता है।
इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों को ब्लू प्रिंट तैयार करने को कहा गया है। भारतीय युवाओं को कट्टर बनाने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों की खुफिया रिपोर्ट के मद्देनजर सभी राज्यों को इस संबंध में आगाह किया गया है।
खुफिया एजेंसियों की समीक्षा पर राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे युवाओं को छेड़े बिना उन पर हर तरह से नजर रखें, ताकि आतंकवाद के उभर रहे इन नए चेहरों के चाल चरित्र के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।
गृह मंत्रालय के उच्चपदस्थ अधिकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में आईएस का झंडा दिखाने वाले युवाओं को गिरफ्तार किए बिना उन पर पैनी नजर रखी जा रही है। हालांकि, वहां से इन लड़कों का आतंकी संगठनों से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है।
IS में शामिल होने कोशिश में गिरफ्तार है आरिफ माजिद
इसी तरह तेलंगाना के 17 और महाराष्ट्र के चार युवकों के सीरिया जाकर आईएस में शामिल होने की कोशिशों के बावजूद उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। इनमें से सिर्फ मुंबई के आरिफ माजिद को एनआईए ने गिरफ्तार किया है।
सूत्रों का कहना है कि बाकी लड़कों की तरह आरिफ को अपने किए पर बिल्कुल पछतावा नहीं है। उसके दिमाग में कट्टरवाद और आतंकवाद गहरे तरीके से घर कर गया है।
इस बैठक में महाराष्ट्र, बिहार, यूपी, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, असम, तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधि शामिल हुए।
टेक सेवी युवकों पर है आईएस की नजर
आतंकी संगठन आईएस अपनी वेबसाइट के जरिए उन भारतीय युवकों को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहा है जो टेक सेवी हैं। टेक सेवी युवकों तक साइबर दुनिया के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। उसकी रणनीति अपने कट्टर विचार से ऐसे युवकों को प्रभावित करने की है। बंद कमरे में ऐसे युवकों के आईएस के संदेश पढ़ने की कुछ खबरें भी आई हैं।
आईएस के भारत को लक्ष्य बनाने की रिपोर्ट: पिछले हफ्ते अमेरिकी मीडिया में छपे एक लेख में सुरक्षा एजेंसियों ने आईएस के भारत को लक्ष्य बनाने की कोशिशों के बारे में आगाह किया है। भारतीय एजेंसियों का मानना है कि हालांकि इसे लेकर फिलहाल कोई सीधा खतरा नहीं नजर आ रहा हो, लेकिन इस पर पैनी नजर रखा जाना जरूरी है।
हाल ही में अपने नेतृत्व में पंजाब का आतंकवाद खत्म करने वाले पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल ने कई मंचों पर आईएस के खतरों के प्रति सरकार को चेताया है। एजेंसियां कई देशों में वेबसाइट के जरिए आईएस के प्रभाव का बारीकी से अध्ययन कर रही हैं।