केंद्र सरकार ने युवाओं को अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आकर्षण और कट्टरपंथ से रोकने के लिए मौलवियों और मौलानाओं को अपनी योजना में शामिल किया है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को उत्तरी भारत के करीब 15 मुसलिम संगठनों और इस्लामिक विचारधारा के प्रमुखों के साथ लंबी बैठक की। इन्हें मुसलिम समाज में अपने प्रभाव से युवाओं को आईएस के आकर्षण से रोकने और आतंकवाद के खिलाफ काम करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इन्होंने पूरे सहयोग का भरोसा दिलाते हुए सरकार को सुरक्षा एजेंसियों के हाथों मुसलिम लड़कों की गलत गिरफ्तारी के प्रति आगाह किया है। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत दोभाल, खुफिया एजेंसी आईबी और गृहमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
हाल की महीनों में आईएस के नाम पर मुसलिम युवकों की संदिग्ध गतिविधियों में हुई बढोत्तरी से चिंतित सरकार ने इस समस्या की काट में व्यापक योजना तैयार की है।
राजनाथ सिंह अब दक्षिण भारत के मुसलिम संगठनों के प्रमुखों और मौलानाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। इसके अलावा मुसलिम समाज के बुद्धिजीवियों और राजनीतिक लोगों को भी इस नयी समस्या के खिलाफ चल रही कवायद में शामिल किया जाएगा।
केंद्र ने मौलानाओं व मौलवियों को सौंपी जिम्मेदारी
इस बैठक में इंटरनेट के जरिए युवाओं को झांसे में लेने और पड़ोसी देशों में आईएस की पहुंच और उससे उपजने वाली समस्या के बारे में विस्तार से बातचीत हुई।
गृहमंत्री के आवास पर हुई बैठक में शामिल होने वालों में जमात उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अशरफ मदनी, अजमेश शरीफ दरगाह के अब्दुल वाहिद हुसैन चिस्ती और जमात अहले हदीश के असगर अली इमाम मेहदी थे।
इनके अलावा रफिक वारशिक, सिया नेता मौलाना सैयद कल्वे,कमाल फारुकी और मुस्तफा फारुकी को भी बातचीत में शामिल किया गया था। मौलाना अशरफ मदनी के मुताबिक सरकार का यह कदम काफी असरकारक साबित हो सकता है।
बैठक में कमजोर अल्पसंख्यक तबके के लिए खास योजनाओं पर अहम फैसले लिए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया और इंटरनेट नेटवर्क के प्रबंधन के लिहाज से भी ठोस फैसले लिए गए हैं।
सरकार के साथ आने वाले समय में होने वाली बैठकों के सिलसिले का यह हिस्सा है। हमने मुसलमानों से जुड़ी अपनी कई चिंताएं सरकार के सामने रखी हैं। इसमें आईएस की अतिवाद को बढ़ावा देने की कोशिश और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से मुस्लिम युवकों के उत्पीड़न का मामला भी शामिल है। -इमाम उमेर अहमद इलियासी, मुख्य इमाम, ऑल इंडिया इमाम ऑगनाइजेशन
आईएस की ओर युवकों के आकर्षित होने का मसला गंभीर चिंता का विषय है। सरकार ने हमसे संपर्क स्थापित किया है और हम इसकी प्रशंसा करते हैं। हमने अपनी चिंताएं भी सरकार के साथ साझा की है।
-कमाल फारुकी, चेयरमैन, कंफेडरेश ऑफ माइनोरिटी एजुकेशन इंस्टीट्यूशन