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जानिए, अदालत के कठघरे में सलमान ने क्या कहा

Thu, 25 Jul 2013 02:03 AM IST
मुंबई/एजेंसी
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अभिनेता सलमान खान ने 2002 के हिट एंड रन मामले में खुद को निर्दोष बताया है।
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सलमान ने बुधवार को सत्र अदालत में कहा कि वह दोषी नहीं हैं। हालांकि अदालत ने उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का आरोप तय कर दिया।

बांद्रा स्थित घर से कोर्ट के लिए निकले सलमान को मुंबई में हो रही तेज बारिश के चलते ट्रैफिक जाम का भी सामना करना पड़ा।

और लाल हो गया सलमान का चेहरा

अपने बॉडीगार्ड शेरा के साथ आए सलमान इस बार सीधे कठघरे में पहुंचे, जबकि पिछले हफ्ते वे मजिस्ट्रेट के सामने गवाहों की कतार में बैठे थे। तब मजिस्ट्रेट ने उनसे कठघरे में जाने को कहा था।

सलमान के वकील ने जज से अनुरोध किया कि आईपीसी की धारा 304 (2) न लगाई जाए, लेकिन जज ने इंकार कर दिया। आरोप सुनाए जाने के बाद सलमान से आरोप पत्र पर हस्ताक्षर लिए गए।
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इस मामले में सलमान खान ने खुद को निर्दोष बताया। पूरी कार्यवाही के दौरान उनके चेहरे पर परेशानी के कोई भाव नहीं थे। अदालत की कार्रवाई एक घंटे से भी अधिक समय तक चली।

सलमान को हो सकती है 10 साल की सजा

न्यायाधीश यूबी हेजीब ने कहा कि बुधवार सुबह ही उन्हें अपना स्थानांतरण आदेश मिला है और अब वे इस मामले की आगे सुनवाई नहीं करेंगे।

तब सलमान के वकील ने अर्जी दी कि वे अपने मुवक्किल के लिए मध्य-सितंबर तक कोर्ट में उपस्थिति की छूट चाहते हैं क्योंकि उन्हें शूटिंग के लिए विदेश जाना है।

सरकारी वकील ने इसका विरोध किया, लेकिन न्यायाधीश ने इस शर्त के साथ अर्जी स्वीकार कर ली कि जब भी कोर्ट अभिनेता से कहेगा तो वे हाजिर हो जाएंगे।

अब इस मामले में नए जज के आने के बाद ट्रायल शुरू होगा। गवाए बुलाए जाएंगे, जिरह होगी। इसके बाद यह अदालत पर निर्भर करता है कि वह कितनी जल्दी मामले को निबटाने के लिए तारीखें निश्चित करती है।
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ये भी हुआ...
सलमान के वकील ने न्यायाधीश से कहा कि मीडिया जिस तरह की रिपोर्टिंग कर रहा है, उसे देखते हुए डर है कि उनके मुवक्किल को न्याय न मिले। इस पर न्यायाधीश ने मीडिया से कहा कि वह ईमानदारी से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग ही करे। जिससे ट्रायल सही ढंग से चल सके।

रफ्तार केस की
- अक्तूबर 2002: पुलिस ने चार्जशीट फाइल की। गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया।
- 2003: सलमान ने बांबे हाईकोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट ने कहा, धारा 304 (2) दो मामले में लागू नहीं होती।
- 2005: मजिस्ट्रेट कोर्ट ने धारा 304-ए (लापरवाही से गाड़ी चलाना) के अंतर्गत सलमान पर आरोप तय किए।
- 2012: मजिस्ट्रेट कोर्ट ने और सख्त धाराओं की जरूरत बताते हुए मामले को सत्र अदालत में सुनवाई के लिए बढ़ाया।
- मार्च 2013: सलमान ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सत्र अदालत में पुनर्विचार याचिका दाखिल की।
- 24 जून, 2013: याचिका खारिज।
- 19 जुलाई, 2013: सलमान के खिलाफ आरोप तय करने के लिए सेशंस कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना।
- 24 जुलाई, 2013: सेशंस कोर्ट ने सलमान के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का आरोप तय किया।
- 17 गवाह अभी तक इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हो चुके हैं।
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