अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की दिशा में पहल करने की सांसद विनय कटियार की मांग पर भाजपा के हिंदूवादी नेता बंट गए हैं। इस मामले में जहां हिंदुत्व के फायरब्रांड नेता महंत आदित्यनाथ कटियार के समर्थन में आ गए हैं वहीं सांसद साक्षी महाराज ने सरकार को फिलहाल विकास के एजेंडे पर ही आगे बढ़ने की सलाह दी है।
साक्षी ने अमर उजाला से कहा कि फिलहाल राम मंदिर निर्माण से ज्यादा अहम राष्ट्र निर्माण है। मंदिर निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पार्टी और सरकार को फिलहाल बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हर हाल में जीत हासिल कर राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ानी चाहिए। हालांकि, आदित्यनाथ ने सरकार से इस दिशा में पहल की उम्मीद जताते हुए कहा कि बातचीत और न्यायालय के रास्ते मंदिर निर्माण में बहुत देरी होगी।
मुद्दे के नए सिरे से उठने के बाद भाजपा ने भी मंदिर निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। पार्टी प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पार्टी और सरकार की प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं आई है।
मंदिर निर्माण की मांग पर आदित्यनाथ ने दिया साथ
गौरतलब है कि 1990 के दशक में मंदिर आंदोलन का अग्रणी चेहरा रहे कटियार ने कहा है कि मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना इस मसले को सुलझाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
भाजपा के मंदिर निर्माण के वादे को पूरा करने के लिए सरकार को या तो कानून बनाकर या फिर बातचीत के जरिए मामले को सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ज्वलंत समस्या है और कोई भी सरकार इसे दरकिनार नहीं कर सकती, चाहे वह बहुमत में रहे या न रहे। अगर सरकार चाहे तो उसके लिए इस मसले को सुलझाना मुश्किल नहीं है।
कटियार की मांग पर आदित्यनाथ ने कहा कि आखिर इसमें गलत क्या है? मंदिर निर्माण के कई विकल्प तो हैं मगर न्यायालय के माध्यम से इसका हल निकलने में लंबा वक्त लगेगा। जबकि बातचीत के जरिए इसका हल निकलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि चूंकि मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस मामले में संसद में बहस नहीं हो सकती, मगर संसद को कानून बनाने का अधिकार है।
आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया, मगर दूसरे पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया। अगर सुप्रीम कोर्ट भी मंदिर के पक्ष में फैसला देता है तो दूसरा पक्ष बड़ी बेंच में अपील करेगा और मामला सालों खिंचता रहेगा।
राम मंदिर निर्माण पर किसने क्या कहा
सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना इस मसले को सुलझाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। राम मंदिर ज्वलंत समस्या है और कोई भी सरकार इसे दरकिनार नहीं कर सकती, चाहे वह बहुमत में रहे या न रहे। अगर सरकार चाहे तो उसके लिए इस मसले को सुलझाना मुश्किल नहीं है। - विनय कटियार, भाजपा सांसद
पार्टी और सरकार मंदिर निर्माण के प्रति वचनबद्ध और प्रतिबद्ध। अयोध्या में राम मंदिर तो बन चुका है। उसे अब भव्यता और दिव्यता प्रदान करने की जरूरत है। सरकार इस दिशा में पहल करेगी और इसका सकारात्मक नतीजा निकलेगा।
- श्रीकांत शर्मा, प्रवक्ता, भाजपा
मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने के इतर विकल्प को अमलीजामा पहनाना संभव नहीं है। कानून बनाने के लिए सरकार को ही नहीं विपक्ष को भी सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। आखिर यह करोड़ों हिंदुओं के आस्था का सवाल है।- आदित्यनाथ, भाजपा सांसद
फिलहाल मंदिर निर्माण से ज्यादा जरूरी राष्ट्रनिर्माण है, जिस पर मोदी सरकार लगी हुई है। कानून के माध्यम से मंदिर तो तब बनेगा जब राज्यसभा में भी सरकार के पास बहुमत होगा। - साक्षी महाराज, भाजपा सांसद
कटियार जल्दी सुनवाई पूरी करवाएं
राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मुद्दे के प्रमुख पक्षकार हाशिम अंसारी इसे बयानबाजी से ज्यादा अहमियत नहीं देना चाहते। बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जीलानी कहते हैं कि कटियार को जल्दी है तो सरकार से कहकर कोर्ट में जल्दी सुनवाई कराएं। मुस्लिम पक्ष के लोगों का यह भी मानना है कि कटियार कुछ भी कहें लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलहाल ऐसा कुछ नहीं करने वाले। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास ने जरूर कटियार का समर्थन किया।