(यह तस्वीर उसी मंदिर की है जिसमें तोड़-फोड़ हुई है)
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में कुछ असामाजिक तत्वों ने एक मंदिर में तोड़-फोड़ की और हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं अमेरिका में बसे भारतीयों को सोशल मीडिया के जरिए धमकाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
सोमवार को कुछ शरारती तत्वों ने वाशिंगटन में एक मंदिर की दीवारों पर स्प्रे से स्वास्तिक बनाया और एक धर्म विशेष के लोगों के लिए 'गेटआउट' लिखा। बताया जा रहा है कि जिस मंदिर पर हमला हुआ है वह अमेरिका के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है।
अमेरिकी प्रशासन अब मामले की जांच कर रहा है। वाशिंगटन के प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को मंदिर का दौरा किया है मामले पर जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
महाशिवरात्री महोत्सव के दौरान हुआ हमला
मंदिर और हिंदू सांस्कृतिक संगठन के अध्यक्ष नित्य निरंजन ने पीटीआई को बताया कि मंदिर में जब महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा था तभी कुछ लोगों ने मंदिर पर हमला बोल दिया और तोड़-फोड़ किया।
निरंजन ने बताया कि मंदिर की दीवारों बाहर पहले भी नफरत फैलाने वाली पेंटिंग दीवारों पर बनाई गई थी लेकिन उसके बारे में किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया था।
उन्होंने बताया कि उन्हें अब हमलावरों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली और न ही किसी पर शक है। वहीं हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के निदेशक ने महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर हमला करना एक बड़ी साजिश बताया है।
हालांकि अमेरिका में भारतीयों पर हमला करने का यह पहला मामला नहीं है बल्कि इससे पहले गुजरात के एक बुजुर्ग की पिटाई की गई थी।
मोदी-बराक की दोस्ती पर सवाल
हाल ही गुजारात निवसी बुजुर्ग सुरेशभाई पटेल की अमेरिकी पुलिस ने बर्बर तरीके से पिटाई की थी जिससे उन्हें अस्पताल में इलाज के दौरान ही लकवा मार गया था। अमेरिका में भारतीयों पर लगातार हो रहे इन हमलों से मोदी और बराक की दोस्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरतलब है कि मोदी जब सितंबर 2014 में अमेरिका गए और वहां रहने वाले भारतीयों हौसला बढ़ाया तो लगा कि अमेरिका में अब भारतीयों का कद बढ़ेगा लेकिन उनके ऐसा नहीं हो सका।
वहीं हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आए जिससे अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को काफी आशाएं थीं। लेकिन अमेरिका में भारतीयों पर आए दिन होने वाले हमलों से लोगों की आशाएं चकनाचूर हो रही हैं।