मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हमवतन हैं हिंदोस्तां हमारा। इकबाल के ये शब्द मोहनपुर में आज फिर जीवंत हो गए। कुछ दिन पहले जहां एक अराजकतत्व ने गांव के प्राचीन मंदिर में मूर्तियां तोड़ी थीं, वहीं शनिवार को गांव भर ने एकजुट होकर मंदिर में नई प्रतिमाएं स्थापित कराईं।
इसके उपरांत हिंदू-मुसलमान दोनों समुदाय के लोगों ने मंदिर में पुन: मूर्तियों को स्थापित करने का प्रण किया और पूरा किया। कई मुस्लिम परिवार मूर्ति शोभायात्रा में शामिल हुए। हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कौमी एकता का अनूठा उदाहरण पेश किया।
बता दें कि बुधवार को मोहनपुर में अराजकतत्व द्वारा गांव के प्राचीन मंदिर में मूर्तियां तोड़ने पर समूचे गांव में आक्रोश दिखा। शुक्रवार को ग्रामीणों ने नई प्रतिमाएं स्थापित कराए जाने की मांग को लेकर मैनपुरी-भोगांव रोड पर एक घंटे जाम लगाकर नारेबाजी भी की थी। ग्राम प्रधान डाक्टर लाल सिंह आदि ने नई प्रतिमाएं स्थापित कराए जाने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।