कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत की जांच सीबीआई से करवाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार व पुलिस से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति जी.पी. मित्तल ने तीनों पक्षों को एक सप्ताह में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली जाए।
साथ ही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को आठों अभियुक्तों के मोबाइल फोन के रिकार्ड भी सुरक्षित रखवाने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 29 जनवरी तय की है।
याचिकाकर्ता गौरव बंसल के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि दो चश्मदीद गवाहों व आरएमएल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के बयान पुलिस के तर्कों से अलग हैं।
याची ने कहा कि इस बात की निष्पक्ष जांच हो कि कांस्टेबल की मौत गैंगरेप के बाद इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा के कारण हुई या फिर हार्ट अटैक के कारण।
याची ने कहा कि पुलिस आयुक्त ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि तोमर की मौत प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा में उनके गले, सीने आदि पर आई चोट से हुई है।