सीमित रसोई गैस इस्तेमाल करने वालों के लिए पांच किलो वाला सिलेंडर फायदे का सौदा साबित हो सकता है। शहर की लगभग सभी एजेंसियों पर पांच किलो वाले सिलेंडर मौजूद हैं। कनेक्शन की एक प्रक्रिया होने के कारण लोगों ने इनका प्रयोग नहीं किया।
आर्थिक रूप से कमजोर, पढ़ाई और रोजीरोटी के चलते घर से दूर रहने वाले छात्रों और लोगों के लिए गैस एजेंसियों ने पांच किलो वाले सिलेंडर जारी किए हैं। हिंडन गैस एजेंसी के संचालक सुधीर निर्वाण ने बताया कि कनेक्शन लेने की प्रक्रिया बड़े सिलेंडर की तरह होने के कारण लोगों ने इन सिलेंडरों को तरजीह नहीं दी। शहर में सिर्फ 250 के लगभग ही पांच किलो सिलेंडर के उपभोक्ता हैं।
नेशनल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के वेस्ट यूपी प्रेसीडेंट इरेश कुमार ने बताया कि अब जबकि नए कनेक्शन मिलने की प्रक्रिया रुकी हुई है, पांच किलो का गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर लोगों की जेब को खासी राहत दे सकता है। गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर लेने के लिए लोगों को करीब 900 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। जबकि पांच किलो वाला सिलेंडर 350 रुपये में ही मिल जाएगा। एक-दो को छोड़कर शहर की लगभग सभी एजेंसियों में यह सिलेंडर उपलब्ध है।
पांच किलो यानी फायदे का सौदा
पांच किलो का गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर लेने के लिए आपको 350 रुपये सिक्योरिटी, 350 रुपये सिलेंडर, 165 रुपये रिफिल और करीब 150-200 रुपये रेगुलेटर आदि पर खर्च करने होंगे। यानी करीब एक हजार रुपये में पांच किलो वाला सिलेंडर मिल जाएगा। इसके बाद जब जरूरत हो तो 350 रुपये देकर सिलेंडर को रीफिल कराया जा सकता है।
साल में सब्सिडी वाले 16 सिलेंडर
कंपनियों ने फिलहाल नए कनेक्शन पर रोक लगा रखी है। पांच किलो वाले सिलेंडर का आवेदन करने पर यदि कनेक्शन मिल जाता है तो साल में सब्सिडी वाले करीब 16 सिलेंडर मिलेंगे। सब्सिडी वाले सिलेंडर की रीफिल वर्तमान में 165 रुपये है।