जमात-उद-दावा सरगना हाफिज मोहम्मद सईद ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। उसने पाकिस्तान में आई बाढ़ के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया।
उसने कहा कि भारत पानी के जरिए पाकिस्तान में आतंक फैला रहा है। पाकिस्तान सरकार को ये मुद्दा उठाना चाहिए।
सोमवार को लाहौर में एक राहत शिविर में सईद ने भारत ऐसी हरकतों से बाज आने की चेतावनी दी। उसने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी सरकार को बाढ़ पीड़ितों की मदद की पेशकश की है, जो केवल मजाक है।
सईद ने कहा कि पाकिस्तान के मौजूदा हालात में सभी राजनीतिक दलों को अपने निजी मतभेद भुलाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आने आना होगा।
पाकिस्तान में हो चुकी है दो सौ से अधिक लोगों की मौत
उल्लेखनीय है कि बाढ़ से पाकिस्तान में दो सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान पंजाब के अधिकांश हिस्सों में इंफ्रांस्ट्रक्चर तबाह हो चुका है।
इमरान खान और ताहिर उल कादिर के विरोध प्रदर्शनों से हलाकान पाकिस्तानी सरकार भी जनता की मदद कर पाने खुद नाकाम पा रही है। ऐसे वक्त में हाफिज सईद का बयान चौंकाने वाला है।
जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पाकिस्तान को मदद की पेशकश की थी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी मदद के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया था।
मोदी ने लिखी थी नवाज को चिट्ठी
रविवार को जम्मू और कश्मीर के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को चिट्ठी लिख कर पाक अधिकृत कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे राहत अभियान में मदद करने का इरादा जताया था।
मोदी ने कहा था कि उन्हें यह बताया गया कि नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान में इससे ज्यादा तो नहीं लेकिन इतना ही जान-माल का नुकसान हुआ है।
पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त के जरिए शरीफ को भेजी चिट्ठी में मोदी ने कहा है कि इस संकट के दौर में वह तहेदिल से पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावितों के साथ हैं।
नवाज ने दिया था मोदी को धन्यवाद
मोदी ने अपने पत्र में लिखा था कि संकट की इस घड़ी में पाकिस्तान की सरकार की ओर से चलाए जा रहे किसी भी राहत अभियान में भारत मदद देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि भारत के संसाधन पाकिस्तान के लिए हाजिर हैं। वह जब चाहे इनका इस्तेमाल कर सकता है।
मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की तरह ही पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों को भी बाढ़ की वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे वक्त में भारत उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार है।