भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को शनिवार सुबह आठ बजे फांसी दे दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने संसद पर हमले के सिलसिले में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अफजल गुरु को दोषी पाया और 2004 में उसे मौत की सजा सुनाई। राष्ट्रपति द्वारा अफजल गुरु की दया याचिका खारिज करने के बाद तिहाड़ जेल में उसे फांसी पर लटकाया गया। अफजल की फांसी के बाद राजनीतिक दलों और अन्य लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं।
योग गुरु बाबा रामदेव ने अफजल गुरु की फांसी सही फैसला बताया। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुत्ता को चुनौती देने वाले का यही हश्र होना चाहिए। रामदेव ने कहा कि अफजल के साथ 'गुरु' शब्द ना जोड़ा जाए, यह भारत की गुरु परंपरा का अपमान है।
देर से उठाया गया सही कदम: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे देर से लिया गया एक सही कदम ठहराया। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि हम इस कदम का स्वागत करते हैं। यद्यपि इसमें देरी हुई, लेकिन यह सही कदम है। विपक्ष और पूरा देश अफजल को फांसी दिए जाने के बारे में बात कर रहा था। पूरे देश को इसका इंतजार था।
संयम बरतें लोग: उमर अब्दुल्ला
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने शुक्रवार शाम करीब आठ बजे मुझे फोन किया था और मुझे अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के केंद्र सरकार के निर्णय से अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि इस निर्णय को लेकर थोड़ी नाराजगी है और कुछ लोग इन स्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। मैं संयम बरतने का आग्रह करता हूं। मैं जम्मू एवं कश्मीर के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी तरह के हिंसक विरोध का सहारा न लें। मैं मीडिया से अपील करता हूं कि वह पुख्ता जांच के बाद खबरें दे और अफवाहों को जगह न दे।
देर आए, दुरुस्त आए: मोदी
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद पर हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को फांसी देने के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा... देर आए, दुरुस्त आए।
राजनीति ना करे विपक्ष: दिग्विजय
अफजल गुरु की फांसी पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार ने सही समय पर सही फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।