उत्तर प्रदेश की जेल में बंद माफिया सरगना बबलू श्रीवास्तव कारागार से ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता है। यूपी जेल प्रशासन की ओर से उसे सारी सुविधाएं मुहैया करायी जाती हैं और उसकी खतरनाक साजिशों को अंजाम देने में सहायता की जाती है।
गुजरात सरकार ने सर्वोच्च अदालत में शुक्रवार को यह दावा किया। भाजपा शासित राज्य सरकार ने कहा है कि बरेली जेल बबलू के लिए स्वर्ग है, जो कैद में रहते हुए जघन्य अपराधों को जेल प्रशासन की सहायता से अंजाम देता है।
जस्टिस गोपाल गौड़ा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष गुजरात सरकार ने हलफनामा दाखिल कर दावा किया कि बबलू ने जेल के भीतर से तमाम आपराधिक साजिशों को मोबाइल फोन के जरिए अंजाम दिया है।
बबलू मौजूदा समय बरेली सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वह 1993 के डिप्टी कलेक्टर एलडी अरोड़ा के सनसनीखेज हत्याकांड समेत अन्य मामलों में सजा काट रहा है। उसे सूरत की निचली अदालत ने हत्या के प्रयास के एक मामले में 25 अगस्त को पेश होने को कहा था।
गुजरात के एडीशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और हेमंतिका वाही ने पीठ के समक्ष आरोप लगाया कि यूपी जेल प्रशासन सूरत की अदालत में पेश होने से बचने में बबलू की सहायता कर रहा है।
बबलू वहां पेश होने पर आपत्ति जता रहा है, क्योंकि गुजरात से वह अपनी साजिशों को अंजाम नहीं दे पाएगा और जो सुविधाएं उसे बरेली जेल में मिल रहा है, वह भी नहीं मिलेंगी।