नरेंद्र मोदी का दूरदर्शन को दिया गया अनकट वीडियो साफ दिखाता है कि उन्होंने प्रियंका गांधी के लिए बेटी जैसी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे में ये खबर किसने फैलाई कि मोदी ने प्रियंका को बेटी जैसी कहा है।
खबर है कि अहमदाबाद स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसके लिए मीडिया को ही जिम्मेदार ठहराया है। कहा जा रहा था कि दूरदर्शन ने मोदी का इंटरव्यू लेने के बाद वीडियो में कई तरह की एडिटिंग की जिसमें प्रियंका के बेटी जैसी और अहमद पटेल को मित्र बताए जाने के प्रसंग को भी हटाया गया।
गुजरात ऑफिस के पास है असली इंटरव्यू!
गुजरात में मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि उनके पास मोदी के हर इंटरव्यू की एक कॉपी रहती है ताकि कोई विवाद खडा होने पर सबूत दिखाए जा सके।
कार्यालय का दावा है कि डीडी को दिए इंटरव्यू की ओरिजिनल कॉपी में मोदी कहीं भी प्रियंका को अपनी बेटी जैसी कहते नजर नहीं आ रहे हैं। इंटरव्यू के वीडियो में दिख रहा है कि कैमरामेन के अलावा भी एक व्यक्ति वीडियो बना रहा है। इसे गुजरात कार्यालय के अधिकारी के रूप में देखा जा रहा है।
पढ़िए क्या बोला मोदी ने...
गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ये अनकट इंटरव्यू यू ट्यूब पर प्रसारित किया है। ये अनकट वीडियो मोदी का अनकट इंटरव्यू में देखा जा सकता है।
इसमें प्रियंका गांधी के प्रसंग में मोदी के कहे वाक्यों को कार्यालय ने हिंदी में भी लिखा है। -
'कोई भी बेटी अपने भाई की विजय के लिये.. माँ की विजय के लिये सब कुछ करेगी और मैं मानता हूँ इतना तो इनको हमने अवसर देना चाहिये, आखिर बेटी बेटी है... माँ के लिये नहीं करेगी तो किसके लिये करेगी… भाई के लिये नहीं करेगी तो किसके लिये करेगी... और एक बेटी के नाते वो कुछ भी कहे मैं कभी बुरा नहीं मानूंगा.. क्योकि उसको हक है… अपनी माँ के लिये मेहनत करना, उनका हक बनता है अपने भाई के लिये काम करना... इससे भी दस गालियाँ और देगी... तो भी बेटी बेटी है… उसके प्रति नाराजगी नहीं हो सकती..."।
प्रसार भारती ने मानी बदलाव की बात
उधर प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सिरकार ने भी बोर्ड को लिखे एक पत्र में इस बात की जानकारी होने की बात लिखी है कि मोदी के इंटरव्यू के कुछ खास हिस्सों में बदलाव किया गया था। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी की तरफ संकेत करते हुए सिरकार ने कहा कि प्रसार भारती में सालों से चल रही कार्यकारी स्वायत्तता की मांग को दरकिनार किया जा रहा है।
हालांकि तिवारी ने सिरकार के ऐसे किसी पत्र की जानकारी होने से इनकार किया है लेकिन जवाहर के बोर्ड को लिखे गए इस पत्र से स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस ने जानबूझकर मोदी के उदारवादी वक्तव्यों को हटाया। तिवारी ने कहा कि उन्हें इस पत्र के बारे में जानकारी नहीं है।
क्या लिखा मोदी ने अपने ट्वीट में
उधर इस मसले पर मोदी ने भी ट्वीट किया है। अपने तीन ट्वीट के तहत मोदी ने लोकतंत्र और मीडिया की आजादी के बारे में बात की है।
मोदी ने ट्वीट किया है कि प्रेस की आजादी लोकतंत्र का आधार है। मीडिया आजादी के लिए संघर्ष कर रहा है। संयोग के आज वर्ल्ड प्रेस डे है और आज ही मोदी ने सरकारी मीडिया की आजादी और निष्पक्षता पर सवाल उठाया है।