भ्रूण हत्या से अपनी अजन्मी बच्ची को बचाने के लिए एक बहू को अपनी सास का कत्ल करना पड़ा।
यह घटना अमेरिका की है, जहां भारतीय मूल की एक अमेरिकी महिला को अपनी सास की हत्या करने के जुर्म से बरी कर दिया गया है।
हालांकि उसने सास की हत्या की बात स्वीकार कर ली थी, लेकिन जुर्म और मामले की तहकीकात करने के बाद अदालत की एक ज्यूरी ने उन्हें हत्या के आरोप से बरी कर दिया।
इसी के साथ 39 वर्षीय बलजिंदर कौर को कैलिफोर्निया की सटर काउंटी जेल से भी रिहा कर दिया गया है।
बहू के गर्भ में पल रही थी एक लड़की
महिला के वकील मनी सिद्धू ने कोर्ट को बताया कि लिंग आधारित भ्रूण हत्या से अपनी अजन्मी बच्ची को बचाने के लिए उसने युबा शहर स्थित अपने घर में 24 अक्टूबर, 2012 को अपनी सास की हत्या कर दी थी।
सिद्धू ने कहा कि बलजिंदर कौर की सास उनके साथ दुर्व्यवहार भी करती थी। जब उसे पता चला कि उनकी बहू के गर्भ में पल रहा बच्चा एक लड़की है तो उसने गर्भपात कराने का दबाव बनाया।
कौर ने अपनी गवाही में कहा कि उनकी सास उन्हें गर्भपात करवाने के लिए ले गई थी जिससे उन्होंने खुद को बचा लिया था।
जेल में ही दिया अपनी दूसरी बेटी को जन्म
बलजिंदर के वकील सिद्धु ने बताया कि अगर वह ऐसा न करती तो एक और भ्रूण हत्या हो जाती।
25 अप्रैल को जेल से रिहा होने के बाद कौर अपने परिवार के साथ है। उल्लेखनीय है कि इस हत्या के कारण कौर 26 अक्टूबर, 2012 से जेल में थी।
उन्होंने जेल में अपनी दूसरी बेटी को जन्म दिया था। ज्यूरी की सदस्य 47 वर्षीय मिशेल ने कहा कि कौर ने अपने बच्चे को बचाने के लिए आत्मरक्षा के रूप में यह कदम उठाया था।