चार साल का जश्न मनाने के बाद यूपीए सरकार पूरी तरह से चुनावी मूड में आ गई है। उसने लोक लुभावन घोषणाओं की शुरुआत कर दी है।
बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने जहां अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के सरकारी नौकरियों में बैकलॉग भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान को मंजूरी दे दी।
वहीं आयकर विभाग में 20 हजार 751 अतिरिक्त पदों के सृजन पर भी सहमति की मुहर लगा दी।
आज ही प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत 12वीं योजना में 4 लाख नए सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के द्वारा 32 लाख रोजगार सृजित करने की घोषणा की गई।
माना जा रहा है कि चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी के तहत सरकार निकट भविष्य में कई अन्य लोक लुभावन घोषणाओं की बरसात करेगी।
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में आर्थिक मामलों और बुनियादी ढांचा संबंधी कैबिनेट कमेटी ने महज तीन निर्णय लिए। मगर ये तीनों ही निर्णय साफ संकेत करते हैं कि सरकार अब चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
कमेटी ने मलयालम भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया। इसके साथ ही आयकर विभाग में 20 हजार 751 अतिरिक्त पद सृजित करने का फैसला किया।
इनमें से 1349 पद आईआरएस के लिए और शेष गैर आईआरएस के लिए होंगे। इसी कड़ी में कमेटी ने अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ी जाति वर्ग के बैकलॉग भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू करने पर सहमति की मुहर लगा दी।
साल 2011 में सीधी भर्ती के मद में इन वर्गों के 75 हजार 522 पद और प्रमोशन में आरक्षण के मद में 31,095 पद खाली थे।
इसी साल शुरू किए गए भर्ती अभियान के बावजूद अब भी सीधी भर्ती के मद में 35 फीसदी और प्रमोशन के मद में 11,347 पद खाली पड़े हैं। सरकार की रणनीति इन घोषणाओं के जरिये इन वर्गों को लुभाने की है।
उधर आज ही सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री केएच मुनियप्पा ने प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत 12वीं योजना में 4 लाख नए लघु उद्योगों की स्थापना की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि इस प्रयास से 32 लाख नौजवानों को रोजगार हासिल होगा। सरकारी सूत्रों का कहना है कि आज की इन घोषणाओं के साथ ही अब कई और लोक लुभावन घोषणाओं की जमीन तैयार हो गई है।
सरकार अब सख्त और कड़े फैसलों की जगह लोगों को लुभाने वाली योजनाओं, कार्यक्रमों, वादों और राहतों की घोषणा करेगी।