राजनीतिक उठापटक के बीच बढ़ती चुनावी आहट को भांपते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस की गेम चेंजर मानी जा रही ‘आपका पैसा आपके हाथ’ योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी तेजी कर दी है।
इस संबंध में प्रधानमंत्री ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय अहम बैठक बुलाई है, जिसमें सीधे नगद हस्तांतरण योजना यानी डीबीटी में डेढ़ दर्जन से ज्यादा केंद्रीय योजनाओं को शामिल करते हुए इसे कई और जिलों में विस्तार करने को अंतिम रूप दिया जाएगा।
खास बात यह है कि राहुल गांधी खुद इस सियासी फसल को काटने के लिए जिलाध्यक्षों के जरिए सीधे मॉनीटरिंग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कल होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और यूआईडीएआई के अध्यक्ष नंदन निलेकणी सहित सरकार के कुछ अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक इस योजना का सर्वाधिक लाभ आंध्र प्रदेश के सात लाख से अधिक लोगों को मिला है। वहीं उत्तर भारतीय राज्यों के एक लाख से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिला है। सरकार की योजना अगले एक डेढ़ माह में 20 केंद्रीय योजनाओं में इसे लागू करने की है।
पहले चरण में डीबीटी के जरिए केवल वजीफा और कल्याण की योजनाओं की धनराशि को योजना के तहत वितरित कर रही है। जबकि दूसरे चरण में इसे एलपीजी गैस तथा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना में भी लागू किया जाना है।
जानकारों का कहना है कि दूसरे चरण को चुनावों से करीब छह महीने पहले शुरू किया जाएगा। इससे एलपीजी की सब्सिडी और महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में मिलने वाली मजदूरी की कम से कम तीन-चार किश्त लाभार्थियों को मिल जाएंगी।