24 नवंबर से शुरू हो रहे संसद का शीतकालीन सत्र आर्थिक सुधारों को गति देने का जरिया बन सकता है। मानसून सत्र में इस आशय का संदेश देने में नाकाम रही सरकार ने इस बार बीमा, भूमि अधिग्रहण संशोधन और रियल एस्टेट विधेयक को कानूनी जामा पहनाने की अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने विभिन्न मंत्रियों को पत्र लिखकर संसद के दोनों सदनों में लंबित पड़े 67 विधेयकों को पारित कराने की तैयारी शुरू करने को कहा है। इस समय लोकसभा में 8 तो राज्यसभा में 59 विधेयक लंबित हैं।
पत्र में आगामी 7 नवंबर तक मंत्रालयों से वापस लिए जाने वाले और पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची तलब की गई है। संबंधित मंत्रालयों को उससे संबंधित लंबित विधेयकों की सूची भी दी गई है।
पत्र में वेंकैया ने मंत्रालयों से संबंधित लंबित विधेयकों की सूची भी भेजी है। इसके साथ ही उन्होंने सांसदों को पत्र लिखकर सदन में उपस्थित रहने का अनुरोध किया है।