काले धन के मुद्दे पर मोदी सरकार ने यू-टर्न ले लिया है। लोकसभा चुनाव के दौरान जिस मुद्दे को भाजपा ने गंभीरता से उठाया था, सत्ता में आने के बाद वो इससे पीछे हटती दिख रही है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने वाले खाताधारकों के बारे में हर जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकती है। सरकार ने अपने आवेदन में कहा कि विदेशों में कालाधन जमा करने वालों के नाम सार्वजनिक करने से संबंधित देशों के साथ हुए दोहरे कराधान समझौतों का उल्लंघन होगा।
सरकार ने कहा है कि समझौता करने वाले देशों ने सूचना को सार्वजनिक करने का विरोध किया है और ऐसा करने पर कोई भी देश भारत के साथ समझौता नहीं करेगा।
चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की बेंच के सामने सरकार का पक्ष रखते हुए अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई होनी चाहिए। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को करेगा।
सरकार की आलोचना
वहीं वरिष्ठ वकील और काले धन पर याचिका दायर करने वाले राम जेठमलानी ने सरकार के इस रुख पर सख्त ऐतराज करते हुए कहा कि इस मामले पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर काला धन जमा करने वालों को बचाने का आरोप भी लगाया।
राम जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने काला धन वापस लाने के मामले में जेठमलानी की याचिका पर सेवानिवृत्त जज एमबी शाह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
सुप्रीम कोर्ट में काला धन पर केंद्र सरकार के हलफनामे ने जहां विरोधी पार्टियों को एक मौका दे दिया है वहीं अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने शुक्रवार को कहा कि विदेशों में खाता खोलना कोई जुर्म नहीं है।
कांग्रेस का पलटवार
अदालत की सुनवाई के बाद अटार्नी जनरल ने कहा कि विदेशी बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा किए गए हर प्रकार के धन को काला धन की श्रेणी में नही रखा जा सकता। उन्होंने बताया कि सरकार ने अदालत से अनुरोध किया है वह अपने उस आदेश में सुधार करे जिसमें सरकार से काला धन से जुड़े खातों को सार्वजनिक करने के लिए कहा गया था।
काला धन मामले पर सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने कहा, "मोदी सरकार की इस मामले की तह तक जाने की मंशा नहीं है। झा ने यूपीए सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि हमने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया था। उस वक्त सरकार में वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने अपना काफी समय अधिकारियों को नाम सार्वजनिक करने के लिए मनाने में लगाया था। वहीं 100 दिनों में काला धन वापस लाने का दावा करने वाली मोदी सरकार ने अभी तक कोई पहल नहीं की है।"