फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'अगर करोड़ों को आधार से है फायदा तो सुप्रीम कोर्ट न आए बीच में'

विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भूखे गरीब लोगों को भोजन और आमदनी का अगर कोई जरिया मिल रहा है तो उन्हें निजता के अधिकार से मतलब नहीं है। चूंकि सरकारी सुविधाओं को लाभ उठाने के लिए ही लोग खुद आधार कार्ड बनवा रहे हैं ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को बीच में नहीं आना चाहिए।
विज्ञापन


केंद्र सरकार का यह पक्ष न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ को नागवार गुजरा। पीठ ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि कोई गरीब है उसे निजता के अधिकार से महरूम रखा जाए, यह गलत है।

केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि आधार कार्ड बनाना लोगों की स्वेच्छा पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि क्या अदालत 100 करोड़ लोगों के लिए बोल सकती है।
विज्ञापन


अगर किसी व्यक्ति को आधार केइस्तेमाल में परेशानी दिखती है तो वह इसका इस्तेमाल न करें। दिहाड़ी पर काम करने वाला व्यक्ति या जिसे खाने के लिए भोजन नहीं है, आधार कार्ड ऐसे व्यक्ति केलिए जरूरत है।

उन्होंने अदालत से कहा कि उसे देश केकरोड़ों लोगों के बारे में सोचना चाहिए न कि उन चंद लोगों की जो  निजता केअधिकार की बात कर रहे हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील

मालूम हो कि 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने एलपीजी और जन वितरण प्रणाली को छोड़ अन्य सुविधाओं के लिए आधार को वैकल्पिक करार दिया था।

रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया, सेबी, ट्राई सहित कई अथॉरिटी ने इस आदेश में फेरबदल करने की गुहार की है। इन अथॉरिटी का कहना कि इस फैसले से लोगों तक सरकारी पहुंचाने में उन्हें असुविधा हो रही है।

वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने भी अटॉर्नी जनरल का समर्थन करते हुए कहा कि अगर देश के एक बड़े वर्ग को अगर सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिल रहा है तो सुप्रीम कोर्ट ऐसे लोगों को सुविधाओं से क्यों महरूम रखना चाहती है।

अटॉर्नी जनरल ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश केजरिए 50 करोड़ लोगों को मिल रही सुविधाओं से महरूम नहीं रख सकता।

उन्होंने कहा कि अगर दो बजे रात को फांसी के तख्त के करीब पहुंचे व्यक्ति के लिए इस अदालत का दरवाजा खुल सकता है तो ऐसे में  यह अदालत 50 करोड़ लोगों के लिए दरवाजे नहीं बंद कर सकता। अदालत बुधवार को अपना फैसला सुनाएगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें