वरिष्ठ भाजपा नेता वेंकैया नायडू ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में सभी राजनीतिक पार्टियों से एकजुट होने की अपील की है। नायडू ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि विस्फोट स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे काम क्यों नहीं कर रहे थे।
साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उदासीन रवैया अपनाने के लिए यूपीए सरकार को आड़े हाथों लिया। नायडू यहां विस्फोट स्थल का दौरा करने पहुंचे थे।
वेंकैया ने कहा, ‘हाल में हुए हैदराबाद आतंकी हमला एक तरह से हमारे लिए एक सबक है। दरअसल, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर इससे निपटने के लिए मजबूत इरादे का प्रदर्शन करना चाहिए। हमें आतंक को किसी रंग से जोड़कर देखने से परहेज करना चाहिए। देश को कमजोर करने के लिए हमारे दुश्मन साजिश रचते रहते हैं। वह इसे बांटने के लिए धर्म को बतौर हथियार इस्तेमाल करते हैं।’
नायडू ने इन धमाकों को लेकर यूपीए पर प्रहार करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मनमोहन सिंह सरकार के पास राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब भी इस तरह के राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले सामने आते हैं तो मनमोहन सरकार असहाय और निष्क्रिय नजर आती है।
नायडू ने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे पर आतंकवाद के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी पर केंद्र से मिली खुफिया जानकारियों को महज सामान्य सूचना मानने की आलोचना भी की।
इससे पहले नायडू घायल लोगों का हाल मालूम करने अस्पताल भी गए। दिलसुखनगर में हुए इस धमाके में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।