वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद में घूसखोरी के खुलासे से घिरी सरकार ने आखिरकार अब इटली की कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की दो टूक चेतावनी दे दी है। मामले में अपना रुख गंभीर करते हुए सरकार ने फिनमेकानिका कंपनी से दलाली के लेनदेन का पूरा ब्योरा मांगा है। सरकार ने कंपनी से कहा है कि यदि इस सौदे में दलाली दी गई तो वह इस खेल में शामिल भारतीय फर्म या व्यक्तियों का नाम भी बताए।
अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद में इटली की अदालत में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को रिश्वत देने को लेकर आए बिचौलिए के बयान से यह घूसकांड और गहरा गया है। इटली की अदालत में दाखिल जांच रिपोर्ट के मुताबिक बिचौलिए ने अपने बयान में पूर्व वायुसेना प्रमुख से सौदे के सिलसिले में छह से सात बार मिलने और उनके रिश्तेदार त्यागी बंधुओं के जरिए उन्हें रिश्वत देने की बात कही है।
साथ ही इस सौदे के लिए इटली की कंपनी फिनमेकानिका के रिश्वत के लिए 217 करोड़ रुपये का फंड रखने की बात भी सामने आई है। इटली की अदालत के जरिए डील में दलाली की गहराती खाई के मद्देनजर सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर बनाने वाली कंपनी फिनमेकानिका से इन सवालों का जवाब मांगा है। अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी फिनमेकानिका की ही एक इकाई है।
हेलीकॉप्टर घूसकांड में सरकार पर उठे गंभीर सवालों के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को हेलीकॉप्टर सौदे का तथ्यात्मक ब्योरा जारी किया। इसमें मंत्रालय ने बताया है कि अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ से साफ कहा गया है वह दलाली को लेकर सामने आए आरोपों पर पूरी जानकारी दें। साथ ही यह बताएं कि सौदे को भ्रष्टाचार से बचाने के लिए हुए इंटीग्रिटी समझौते का उल्लंघन करते हुए क्या डील में किसी भारतीय फर्म या नागरिक को रिश्वत दी गई है।
बयान में यह भी कहा गया है कि सरकार इस डील में किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल दोषियों और कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इसमें कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का कदम भी शामिल होगा। सरकार यह साफ कर चुकी है कि इंटीग्रिटी समझौते का उल्लंघन होने पर वह कंपनी को दी गई रकम वापस लेने की हकदार है।