उत्तर प्रदेश के बलिया में बैरिया तहसील के हनुमान मंदिर में सोमवार को लोग एक ऐसी शादी के गवाह बने जिसमें युवक तो नेत्रहीन था, लेकिन युवती पूर्णरूपेण स्वस्थ। एक-दूसरे को प्रेम करने वाले इस जोड़े को आशीर्वाद देने उपजिलाधिकारी भी पहुंचे।
मंदिर में मौजूद लोग जहां युवती की प्रशंसा करते नहीं अघा रहे थे वहीं कुछ लोग युवक की प्रतिभा की भी तारीफ कर रहे थे। दोनों वाराणसी से उच्चा शिक्षा ग्रहण करने के अलावा नेत्रहीन और नि:शक्त बच्चों को पढ़ाते भी हैं।
बैरिया तहसील क्षेत्र के टेंगरही निवासी राणा प्रताप सिंह के पुत्र राजकुमार सिंह जन्मजात नेत्रहीन हैं। उन्होंने वाराणसी स्थित दृष्टिहीन विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद बीएचयू से एमए हिंदी में गोल्ड मेडल हासिल किया। अब वे पीएचडी कर रहे हैं।